महिलाओं ने निकाली मंगल कलश यात्रा

 

रानीगंज

 

क्षेत्र के औवार गांव में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ शुरू हो गया। शुक्रवार को गांव से बैंड बाजे के साथ सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश रखकर कस्बे के विभिन्न मंदिरों में पहुंची। सभी मंदिरों से होती हुई कलश यात्रा कथा स्थल पर आकर संपन्न हुई। पहले दिन की कथा का शुभारंभ मंगलाचरण तथा भागवत पुराण के पूजन से हुआ। कथा व्यास आचार्य सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति तथा मानवता को बचाने के लिए सद्भावना एवं आत्मज्ञान के प्रचार प्रसार की आवश्यकता है। धार्मिक गतिविधियां ही मानव समाज का उत्थान करती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में फैला मानसिक प्रदूषण अध्यात्म ज्ञान से ही दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से कथा श्रवण करने से मानव के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। परीक्षित महाराज की कथा सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। कथा के आयोजन में यजमान पं. हरिशंकर उपाध्याय, कुसुम उपाध्याय ने पूजन किया। इस मौके पर डॉ. श्याम शंकर उपाध्याय, रवि शंकर उपाध्याय, डॉ. प्रवीण उपाध्याय, डॉ. सुधीर उपाध्याय, दयाशंकर उपाध्याय, आशा देवी उपाध्याय, विद्याशंकर उपध्याय, कमला देवी उपाध्याय, मनोरमा उपाध्याय, संदीप उपाध्याय, अखिलेश शंकर उपाध्याय, मंगलम उपाध्याय, आशुतोष उपाध्याय, श्रेयांश उपाध्याय, रुद्र,प्रियम,प्रणव जयम शंकर मौजूद रहे।