*मोबाइल एप से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की होगी मानिटरिग*

सिवान : आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को आनलाइन तकनीक से मानिटरिग की जाएगी। इसके संचालन के लिए कार्मिकों की प्रशिक्षण भी होगी। ताकि सेंटरों के सभी कार्य पेपरलेस किया जा सके। इसको लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। इस संबंध में सिविल सर्जन डा. यदुवंश कुमार शर्मा ने बताया कि एचडब्लूसी मोबाइल एप के बारे में सभी चिकित्सा कर्मियों, चिकित्सा पदाधिकारियों, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, एएनएम, स्टाफ नर्स, डाटा इंट्री आपरेटर, प्रखंड मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायकों को इसके विषय में जूम एप के प्लेटफार्म पर आनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।पेपरलेस कार्य करेंगी सेंटरों पर तैनात एएनएम :

 

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात एएनएम अब पेपरलेस कार्य करेंगी। एएनएम को भी तकनीक से लैस करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाएगा। बता दें कि स्वास्थ्य योजनाओं की गांव में क्या-क्या प्रगति हो रही है, इसकी रिपोर्ट एएनएम बनाती है। इस पूरी रिपोर्ट को एक रजिस्टर में दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाता है। सीएस ने बताया कि ब्लड प्रेशर, शुगर तथा कैंसर जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर एक फैमिली फोल्डर बनेगी। जन आरोग्य प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत पोषक क्षेत्र के परिवारों की फैमिली फोल्डर तैयार की जाएगी। —————-

 

नवविकसित डब्लूसी मोबाइल एप को डाउनलोड कर सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के पदाधिकारियों व कर्मियों द्वारा इसका उपयोग किया जाएगा। साथ ही सभी कार्य पेपरलेस किया जाएगा। इसको लेकर प्रशिक्षण् दिया जाएगा।