भांवरकोल।

सूर्योपासना का महापर्व बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर डाला छठ का पहला सोपान सम्पन्न हुआ।

गाजे बाजे के साथ क्षेत्र के शेरपुर, बीरपुर,पलियां कुन्डेसर, अवथहीं,मुंडेरा बुजुर्ग सहित करईल इलाके के सभी गंगा घाटों, सरोवरों,पोखरों पर सैकड़ो व्रती महिलाए अपने बच्चों व पुरुषों के साथ स्थित गंगा घाट पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। इसके बाद अगले दिन 11 नवम्बर की सुबह उदयगामी सूर्य को अंतिम अर्घ्य देने के साथ डाला छठ व्रत का समापन करेंगी। बता दें कि डाला छठ पूजा के लिये विशेष स्थान पर बेदी उसमें पूजा सामग्री रखा। व्रती महिलाए अपने अपने घरों छठ गीत गाते हुए गंगा नदी घाट पहुँचकर स्नान किया तथा नए वस्त्रों को पहना। इस दौरान थानाध्यक्ष वागिश बिक़म सिंह सभी घाटों पर चक़मण करते रहे। क्षेत्र के सभी घाटों पर पुलिस कर्मियों सहित गोताखोरों को लगाया गया। आस पास के छठ घाटों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। कि डाला छठ पर्व यानि सूर्यापासना का महापर्व नहाय खाय संग सैकड़ो व्रती महिलाएं बुधवार को गंगा घाट पर बनाये गए विशेष स्थान पर गाना बाजा के संग पहुंचकर स्नान किया। इस दौरान घाटों पर काफी रही। इस मौके पर महिला पुलिस तैनात रहीं। पर्व को शांति पूर्ण सम्पन्न कराने के लिये गांवों के युवाओं की टीम भी बिभिन्न घाटों पर ब़तियों के सहयोग में जुटे रहे।