*सिवान जंक्शन पर कोरोना जांच के नाम पर खानापूर्ति*

सिवान । दीपावली व छठ को अपने अपने घरों पर मनाने के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले लोगों का आना शुरू हो चुका है, लेकिन जंक्शन पर कोरोना की जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

 

रोजाना ही हजारों की संख्या में लोग अपने-अपने घरों पर पहुंच रहे हैं। लोगों की आवाजाही पर कोरोना संक्रमण के बढ़ने की संभावना को लेकर राज्य सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जंक्शन पर विभिन्न ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच का निर्णय लिया था। डीएम अमित कुमार पांडेय और एसपी अभिनव कुमार ने एक नवंबर को स्वयं जांच व्यवस्था का निरीक्षण किया था और जहां कमियां पाई गई थीं वहां सुधार के आदेश दिए थे, लेकिन जंक्शन पर कोरोना की जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। शनिवार को जंक्शन के दोनों द्वार पर बनाए गए तीन काउंटर पर तैनात टीम द्वारा ट्रेनों से उतरने कर जंक्शन के बाहर जाने वाले यात्रियों से सिर्फ कोरम पूरा किया जा रहा था। यात्री बिना किसी रोकटोक के अपने अपने गंतव्य के लिए रवाना हो रहे थे। उनसे कोई पूछताछ करने वाला नहीं था। जागरण टीम को देख कुछ कर्मी बाद में यात्रियों को बुलाने लगे, लेकिन जांच के प्रति यात्रियों में भी सजगता नहीं दिखी। बता दें कि जंक्शन पर यात्रियों की जांच के लिए तीन काउंटर भी लगाए गए हैं। इसमें दिल्ली सहित अन्य राज्यों से सिवान उतरने वाले यात्रियों की कोरोना जांच के बाद ही उन्हें बाहर जाने का आदेश दिया गया है। आरटीपीसीआर के तहत कोरोना जांच का लक्ष्य यहां चार सौ रखा गया है। इसके अलावा एंटीजन टेस्ट का लक्ष्य अलग निर्धारित किया गया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और रेलवे के सुरक्षा कर्मियों द्वारा जिला प्रशासन की सारी तैयारी पर पानी फेरने का काम किया जा रहा है।