दंगल मे मेरठ के साकिर को विजेता तथा प्रयागराज के हरेन्द्र को मिला उपविजेता का खिताब

बाबागंज विधायक ने शशिधर मिश्र स्मृति दंगल मे कामयाब पहलवानों को किया सम्मानित

फोटो-01 दंगल प्रतियोगिता मे कुश्ती का रोमांचक प्रदर्शन करते पहलवान

02 विजेता पहलवान को चैंम्पियनशिप प्रदान करते विधायक बाबागंज विनोद सरोज

लालगंज, प्रतापगढ़। क्षेत्र के पूरे वीरबल ढ़िगवस में शशिधर मिश्र स्मॉरक दंगल प्रतियोगिता मे इस बार भी नामीगिरामी पहलवानों की रोमांचक कुश्ती का करतब देख लोग कौतूहल से भर उठे। बतौर मुख्यअतिथि बाबागंज विधायक विनोद सरोज ने कामयाब पहलवानों को नकद तथा शील्ड प्रदान कर पुरस्कृत किया। प्रतियोगिता के संयोजक ग्राम प्रधान शशिभूषण मिश्र रज्जन ने पहलवानों व अतिथियों का स्वागत किया। वहीं शिवभूषण मिश्र सज्जन ने आभार जताया। प्रतियोगिता मे फाइनल मे मेरठ के साकिर पहलवान को चैंम्पियन का तथा प्रयागराज के हरेन्द्र पहलवान को उपविजेता का खिताब मिला। वहीं बनारस के रामबाबू ने श्रृंगवेरपुर के अशोक तथा प्रयागराज के तोता ने कानपुर के शिवप्रसाद एवं कौशाम्बी के अभिषेक ने तथा चित्रकूट के बजरंगी व प्रयागराज के उत्तम ने रायबरेली के सोनू तथा पंजाब के सन्नी ने आजमगढ़ के मनराज एवं बांदा के नीरज ने अलीगढ़ के रवि को पठकनी देकर विजयी पुरस्कार हासिल करने मे सफलता ली। पहलवानों के एक से बढ़कर एक दिखाये गये दांव को लेकर बड़ी संख्या मे मौजूद कुश्ती के प्रशंसक अचरज मे भी देखे गये। प्रतियोगिता मे महिला कुश्ती का भी खासा आकर्षण दिखा। दिल्ली की वैशाली ने हरियाणा की पूजा को तथा बनारस की कृति ने चित्रकूट की प्रिया को हार का स्वाद चखाया। वहीं सुल्तानपुर की आरती तथा मेरठ की प्रीतम के बीच रोमांचक कुश्ती बराबरी पर छूटी। विधायक बाबागंज विनोद सरोज ने कहा कि कुश्ती हमारे खेल की सबसे प्राचीन विरासत है। उन्होनें कहा कि कुश्ती शारीरिक स्फूर्ति के लिए संजीवनी हुआ करती है। रेफरी की भूमिका मे लालजी तथा कमलेश द्विवेदी व प्रदीप द्विवेदी सराहे गये। कमेंट्री व संचालन रामेश्वर प्रसाद शुक्ल तथा आद्या प्रसाद शुक्ल ने संयुक्त रूप से किया। प्रारम्भ मे विश्वभवन शुक्ल, कुंदन सिंह तथा अशोक बेलौरा ने नामी पहलवान शशिधर मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर हौसिला ओझा, जमुना पाण्डेय, ललित मिश्र, लल्लन, राजेश तिवारी, लल्ला तिवारी, कृपाशंकर शुक्ल, दिनेश पाण्डेय, कमलापति, बाबा मुकुंद, अमरदीप शुक्ल आदि रहे।