लखीमपुर खीरी की वीभत्स घटना पर सुप्रीम कोर्ट का स्टेट्स तलब करना असाधारण व ऐतिहासिक कदम-प्रमोद तिवारी

सीडब्ल्यूसी मेंबर तिवारी प्रियंका गांधी की अनुचित एवं असंवैधानिक गिरफ्तारी पर हुए तल्ख, गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने की पार्टी की मांग पर दिया जोर

कश्मीर मे आतंकवाद की घटनाओं मे बढ़ोत्तरी के लिए भी मोदी व शाह की गलत नीतियों को बताया चिंताजनक

, प्रमोद तिवारी।

लालगंज, प्रतापगढ़। केन्द्रीय कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य तथा यूपी आउटरीच एण्ड कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने लखीमपुर खीरी मे किसानों की हत्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा स्टेट्स रिर्पोट तलब किये जाने के फैसले को स्वागत योग्य कहा है। श्री तिवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी की घटना की वीभत्सता को देखते हुए जिस तरह से घटना को अत्यन्त दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं करार देते हुए सरकार से एफआईआर मे दर्ज आरोपियो की अब तक की गिरफ्तारी को लेकर जानकारी मांगी है, यह एक ऐतिहासिक न्यायिक कदम है। शुक्रवार को यहां जारी बयान मे सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कहा कि घटना को लेकर तीन दिन तक सरकार की निरंकुशता तथा अन्याय को महसूस करते हुए मीडिया की खबरो का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के गैरजिम्मेदाराना रवैये को लेकर यह असाधारण और ऐतिहासिक कदम उठाया है। श्री तिवारी ने कहा कि अवैधानिक रूप से कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत मे रखने तथा अब तक केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री के इस्तीफा न देने और गृह राज्यमंत्री के बेटे की गिरफ्तारी तक न हो पाना यह साबित करती है कि यूपी की सरकार बडी बडी आपराधिक घटनाओं के हो जाने के बाद भी कार्रवाई नही किया करती है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि जिस मंत्री के पुत्र बडी बडी बाइट दे रहे थे वे फरार है और उन्होनें सरकार से सवाल उठाया कि वह यह बताये कि पुलिस छावनी बने तिकुनिया गांव से मंत्री पुत्र फरार कैसे हुए। श्री तिवारी ने तल्ख लहजे मे कहा है कि मंत्री पुत्र के फरार होने अथवा फरार कराये जाने के भी तथ्यों की गंभीर जांच होनी चाहिये। श्री तिवारी ने कहा कि लखीमपुर खीरी मे जैसा वीभत्स और भीषण नरसंहार हुआ है वैसा यूपी ने शायद अभी तक ऐसा देखा हो। उन्होनें आरोप लगाया कि सत्ता के मद मे चूर भाजपा के केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री ने किसानो के विरोध को लेकर अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों के हवाले से जो धमकी दी थी उसे उन्होनें सरेआम कर दिखलाया। श्री तिवारी ने कहा कि कांग्रेस अपनी इस मांग पर अड़ी है कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त करते हुए मंत्री पुत्र सहित सभी दोषियो को सरकार तत्काल गिरफ्तार करे। उन्होनें लखीमपुर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराये जाने पर भी खासा जोर दिया है। श्री तिवारी ने कहा कि जिस तरह से घटना के तत्काल बाद पीड़ितो के आंसू पोंछने के लिए दिल्ली से प्रियंका गांधी निकलीं और यूपी पुलिस ने दूसरी तरफ निर्लज्जता के साथ रात के अंधेरे मे प्रियंका गांधी को असंवैधानिक रूप से गिरफ्तार कर अवैध रूप से हिरासत मे रखा वह पूरी तरह से असंवैधानिक तथा अन्यायपूर्ण व अनुचित है। प्रमोद तिवारी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता को इस असंवैधानिक सरकारी कार्यवाही के खिलाफ शांतिपूर्वक संघर्ष करने की भी सराहना की। श्री तिवारी ने कहा कि जनता के प्रियंका गांधी के समर्थन मे मुखर होने की मजबूरी मे भी प्रदेश सरकार ने मजबूर होकर शांति भंग के आरोप मे बंद की गई प्रियंका गांधी को मजबूरन बिना शर्त छोडना पड़ा। इधर सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कश्मीर मे इधर फिर आतंकवादी घटनाओं की बढोत्तरी को चिंताजनक ठहराते हुए बिगडते हालात के लिए पीएम मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह की गलत नीतियों को जबाबदेह ठहराया है। उन्होनें कहा कि मोदी सरकार की भ्रमित विदेश नीति के कारण बेगुनाहों की हत्या हो रही है जबकि बकौल प्रमोद तिवारी अफगानिस्तान मे तालिबान हुकूमत आने के बाद केंद्र सरकार को कश्मीर मे आंतरिक सुरक्षा बढ़ानी चाहिये। सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद ने कहा कि मोदी सरकार का वादी मे रहने वाले कश्मीरियों का विश्वास खो चुकना भी चिंताजनक है। वहीं प्रमोद तिवारी ने आगामी दस अक्टूबर को वाराणसी मे मंहगाई व बेरोजगारी तथा अन्याय के खिलाफ प्रियंका गांधी की न्याय की ललकार की रैली मे भी लोगों से भागीदारी का आहवान किया है। सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी का यह बयान यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने निर्गत किया है।