बेल्हा में सुरक्षित नही ग्राम प्रधान

दिन दहाड़े हो रहे जानलेवा हमले, पुलिस बनी लापरवाह

हमला कर नामजद आरोपी घूमते हैं खुलेआम, कानून का नही भय

प्रतापगढ़। जिले में आम जनता के साथ ही ग्राम प्रधान भी सुरक्षित नही है। बेखौफ बदमाश दिन दहाड़े प्रधानों पर गोलियां बरसा रहे है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अपराधी बेखौफ होकर खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई के बजाए रिश्तेदारी निभाने में मस्त है।

सोमवार को दिन दहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने लक्षणपुर विकास खण्ड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरियापुर के प्रधान एवं सपा नेता राज कुमार यादव को गोली मार दी। गम्भीर दशा में उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज रेफर कर दिया गया है। वही पुलिस हमलावरों की तलाश के नाम पर लकीर पीटने में जुटी हुई है।

यह कोई पहली घटना नही है जब जिले में ग्राम प्रधान को अपराधियों ने निशाना बनाया हो। लगभग एक माह पूर्व ही प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान गोगौर नवीन कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह के ऊपर विपक्षियों ने गोली चलाई थी। हालांकि उस घटना में जिलाध्यक्ष अपने ड्राइवर समेत बाल बाल बच गए थे। दो गोलियां कार के शीशे को भेदते हुए सीट में जा धंसी थीं। मामले में जिलाध्यक्ष ने पुलिस को नामजद तहरीर दी। जांच पड़ताल के नाम पर मामले को टालते हुए बाघराय पुलिस मुकदमा भी दर्ज करने को तैयार नही थी। जब जिले के प्रधानों ने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी तब कही जाकर उस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। घटना के लगभग एक माह बीतने के बाद भी पुलिस कोई सख्त कदम उठाना तो दूर आज तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नही कर पाई। सभी आरोपी बाघराय पुलिस के साथ रिश्तेदारी निभाते हुए आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। साथ ही क्षेत्र की बाजारों और गाँव मे घूम घूमकर अराजकता फैला रहे हैं। ऐसी दशा में किस तरीके से प्रधानों पर होने वाले हमलों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

इस मामले में प्रधान संघ जिलाध्यक्ष पिंटू सिंह ने कहा कि जिले की पुलिस बेलगाम हो चुकी है। जानलेवा हमले जैसी घटनाओं में नामजद होने के बाद भी अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। जब पुलिस प्रशासन ही सत्ता के दबाव में या बिरादरी वाद निभाएगा तो आम जनता को सुरक्षा कैसे मिलेगी। जिलाध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 24 घण्टे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नही की जाती तो जिले के प्रधान सभी विकास कार्यो को ठप करते हुए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिले की पुलिस और प्रशासन की होगी। वही सरियापुर प्रधान पर हुए हमले के मामले में एसओ जेठवारा अभी तहरीर का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि घायल को लेकर परिजन अस्पताल में है। तहरीर मिले तो कुछ क्लीयर हो।