प्रमोद व मोना के समर्थन मे कांग्रेसियों का मौन जुलूस, लखीमपुर खीरी के मृत किसानों को दी श्रद्धांजलि

लखीमपुर घटना को लेकर प्रमोद व मोना के हाउस अरेस्ट की जानकारी पर खफा कांग्रेसियो का और बढ़ी नाराजगी

लालगंज मे मौन जुलूस निकालते कांग्रेसी

लालगंज, प्रतापगढ़। क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना तथा सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी के खिलाफ दर्ज मुकदमों से खफा चल रहे कांग्रेसियो का विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी नेशनल हाइवे पर देखने को मिला। कांग्रेसियो मे सोमवार को नाराजगी तब और बढ़ गयी दिखी जब उन्हें यह जानकारी हुई कि लखीमपुर खीरी की घटना का विरोध जताने निकलीं क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना तथा वरिष्ठ पार्टी नेता प्रमोद तिवारी को लखनऊ स्थित आवासों पर एहतियातन हाउस अरेस्ट भी कर लिया गया। नाराज कांग्रेसियो ने पार्टी के झण्डे के साथ ब्लाक प्रमुख इं. अमित प्रताप सिंह पंकज तथा चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी की अगुवाई मे कैम्प कार्यालय से सीओ कार्यालय होते हुए कालाकांकर रोड एवं लालगंज रायबरेली हाइवे पर मौन जुलूस निकालकर विरोध जताते दिखे। मौन जुलूस का संयोजन मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने किया। कार्यकर्ताओं ने विधायक मोना के कैम्प कार्यालय पर लखीमपुर मे मृत किसानों को मौन धारण कर श्रद्धांजलि भी अर्पित किया। इस मौके पर आरपी वर्मा, आशीष उपाध्याय, उधम सिंह, आलोक सिंह, मनोज तिवारी, छोटे लाल सरोज, बेलाल रहमानी, महानंद पाण्डेय, विनय पाण्डेय, त्रिभु तिवारी, मुन्ना शुक्ला, सत्येंद्र सिंह, विवेक शुक्ल, अनिल पाण्डेय, मुरलीधर तिवारी, शिवकुमार शर्मा, सोनू मिश्र, डिप्टी मिश्र, आदि रहे।

 

 

लखीमपुर खीरी मे किसानों की हत्या को प्रमोद व मोना ने सरकारी अहंकार की ठहराया पराकाष्ठा

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत मे लेने को सीएलपी नेता व सीडब्ल्यूसी मेंबर ने बताया असंवैधानिक

फोटो- पीपी, प्रमोद तिवारी व आराधना मिश्रा मोना।

लालगंज, प्रतापगढ़। केन्द्रीय कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने लखीमपुर खीरी मे किसानों की जघन्य हत्या को लोकतंत्र मे सरकारी अहंकार की पराकाष्ठा करार दिया है। वहीं उन्होनें लखीमपुर खीरी के मृतक किसानों के पीडितो से मिलने जा रही पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को जबरिया हिरासत मे लिये जाने की प्रदेश सरकार की कार्रवाई को लोकतंत्र की निर्मम हत्या ठहराते हुए कहा कि देश की जनता सरकार की इस जुल्म और ज्यादती को लेकर अब मूकदर्शक नही बनी रहेगी बल्कि बकौल प्रमोद तिवारी सही वक्त पर जनता इसका माकूल जबाब देगी। श्री तिवारी ने कहा कि प्रियंका गांधी को हिरासत मे लिये जाने की जानकारी पर जब वह और देश के पूर्व कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद कानूनी सलाह के लिए प्रियंका गांधी से मिलने के लिए निकले तो सरकार ने निरंकुशता का प्रदर्शन करते हुए उन्हें भी अलोकतांत्रिक ढंग से आवास पर रोक दिया। श्री तिवारी ने कहा कि लखीमपुर खीरी मे निर्दोष किसानो पर एक केन्द्रीय मंत्री के बेटे ने जिस तरह से अपनी गाड़ी से कुचलकर इस भयावह दुस्साहसिक कांड को अंजाम दिया है उससे तो अंग्रेजो के शासनकाल मे जनरल डॉयर की भी बर्बरता भी शर्मसार हो उठी। वहीं लखीमपुर खीरी मे किसानो की मौत को लेकर संवेदना जताने के लिए निकली प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता एवं क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने सरकार का पूरी तरह से अलोकतांत्रिक एवं असंवैधानिक तरीका ठहराया। सीएलपी नेता मोना ने कहा कि घटना की रात से ही उनको हाउस अरेस्ट कर प्रियंका गांधी से सीतापुर मे न मिलने देने की सरकार की कार्रवाई पूरी तरह से कानून व संविधान की मर्यादा के खिलाफ है। सीएलपी नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि अगर भाजपा सरकार का इस तरह से असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक रवैया बना रहा तो पार्टी के कार्यकर्ता अब खामोश नही रहेगें। प्रमोद तिवारी व विधायक मोना ने लखीमपुर खीरी मे निर्दोष किसानो की हत्या को दुखद ठहराते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना भी प्रकट की है। नेताद्वय ने कहा है कि पीडित किसान परिवारों की मदद तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी मिलेगी। सोमवार को प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना का संयुक्त बयान मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने यहां जारी किया है।