कोरोना गाइडलाइन और मानवाधिकार से भी बेपरवाह सांगीपुर पुलिस, लॉकप मे दो दर्जन से अधिक हो रहे उत्पीड़न का शिकार..

प्रतापगढ़ जिला संवाददाता। सांगीपुर ब्लाक मे हुई घटना को लेकर सांगीपुर पुलिस पिछले तीन दिनो से वांछितो की तलाश मे दबिश पर दबिश दे रही है। सांगीपुर पुलिस ने लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों को अपनी हिरासत मे ले रखा है। हालांकि इनमें अधिकांश मुकदमें मे नामजद आरोपियो के परिजन बताये जाते है। बावजूद इसके सांगीपुर पुलिस को इस समय भी न तो कोरोना गाइडलाइन की चिन्ता है और न ही उसे सत्ता की हां हुजूरी मे मानवाधिकार आयोग तक की परवाह है। एक ही लॉकप मे सांगीपुर पुलिस ने लगभग दो दर्जन लोगों को तीन दिनों से हिरासत मे रखा है। सूत्रों के मुताबिक लॉकप मे रखे गये लोगों को पुलिस समुचित ढंग से चाय पानी तो दूर एक टाइम का भोजन भी मुहैया नही करा रही है। थक हार कर सोमवार की दोपहर लाकप मे रखे गये लोगों के परिजनो को खुद खाने का टिफिन लेकर थाने पहुंचते देखा गया। परिजन अपने लोगों को भोजन पानी के लिए थाने मे मौजूद पुलिसकर्मियों से मिन्नत भी करते देखे गये। इनमे से कुछ ने बताया कि पुलिस न तो उन्हें परिजनों से मिलने दे रही है और न ही उनके साथ भी मर्यादित व्यवहार ही कर रही है। जानकारी होने पर सोमवार की देर रात कुछ अधिवक्ता तथा मीडियाकर्मी थाने पहुंचे तो पुलिस ने बताया कि मेस मे इन लोगों के भोजन को तैयार करने को कहा गया है। एक ही लॉकप मे वह भी बिना मास्क के प्रबन्ध दो दर्जन लोगों को जिस तरह से ठूंस कर रखा गया देखा गया उससे लोगों मे यह चर्चा भी दिखी कि क्या सांगीपुर पुलिस कोरोना से पूरी तरह बेखबर हो उठी है। उसे लॉकप मे ठूंसकर रखे गये लोगों के भूख प्यास की परवाह हो या न हो कम से कम मानवाधिकार की परवाह तो होना चाहिये। इस संदर्भ मे सांगीपुर कोतवाल तुषार दत्त त्यागी के सीयूजी पर कई बार बात करने का प्रयास किया गया किंतु उनका फोन रिसीव नही हुआ।