ब्लाक सभागार की घटना मे प्रमोद तिवारी ने प्रशासन से सांसद के झूठे दावे की जांच कर जनमानस के समक्ष सच्चाई सामने लाने पर दिया जोर

सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट की गाइडलाइन के विपरीत पांच एफआईआर मे विधायक व स्वयं की कॉमन नामजदगी को बताया एक पक्षीय कार्रवाई, प्रशासन से कहा जनमानस को बताये दूसरे पक्ष की शिकायत पर क्यों नही हो रही कार्रवाई

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कार्यकर्ताओं तथा समर्थको से उत्तेजित न होकर शांति तथा अमन के वातावरण की मजबूती मे जुटे रहने का किया आहवान

फोटो- पीपी, प्रमोद तिवारी

लालगंज, प्रतापगढ़। केन्द्रीय कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने सांगीपुर ब्लाक मे पचीस सितंबर को हुई घटना की प्रशासन से शीघ्र निष्पक्ष जांच कराकर जनता के सामने सच्चाई के साथ तथ्य लाये जाने पर जोर दिया है। वहीं सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने एक ही समय पर एक ही घटना को लेकर उनके तथा क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना के खिलाफ एक एफआईआर की जगह पांच पांच एफआईआर दर्ज किये जाने व दूसरी तरफ से एक भी एफआईआर अभी तक दर्ज न किये जाने को पूरी तरह एक पक्षीय कार्रवाई भी करार दिया है। श्री तिवारी ने प्रशासन से कहा है कि वह जांच मे इस तथ्य को गंभीरतापूर्वक परीक्षण करे कि सांसद के साथ प्रमुख पद के हालिया चुनाव मे हारे हुए एक प्रत्याशी ने किस तरह से सबसे पहले कुर्सी उठाकर लोगों पर हमले शुरू किये। उन्होनें आरोपी के द्वारा कुर्सी उठाकर लोगों के साथ मारपीट का एक चित्र भी अपने दावे के साथ जारी किया है। सांसद संगमलाल गुप्ता के उन पर लगाये गये आरोपो का पुख्ता खंडन करते हुए सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने यह भी खुली चुनौती दी है कि कोई एक क्षण का वीडियो भी दिखा दे जिसमे किसी ने सांसद के साथ कोई अभद्रता की हो या फिर वह स्वयं मंच के अलावा कही भी उनके साथ मौजूद रहे हो। श्री तिवारी ने कहा कि वह तो सांसद के जाने के पन्द्रह मिनट बाद मंच से नीचे उतरे है। श्री तिवारी ने अपने तथा विधायक मोना के खिलाफ पांच पांच एफआईआर मे दोनों के कॉमन नाम होने को सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय की गाइडलाइन के उस तथ्य की भी प्रशासनिक अनदेखी करार दिया है, जिसमे न्यायिक गाइडलाइन स्पष्ट है कि एक समय पर एक घटना की एक ही एफआईआर होती है। श्री तिवारी ने कहा कि चार एफआईआर मे भी जब सांसद पक्ष को यह समझ मे नही आया कि उनके खिलाफ कोई मुकदमा बन रहा है तो सांसद ने अपने गनर से भी एक एफआईआर लिखवाई। बकौल प्रमोद तिवारी उनके राजनैतिक जीवन मे एक भी मुकदमा न होने के बावजूद यह पूरी तरह से अनैतिक और प्रतिशोध की बेशर्मी है कि उनके खिलाफ सेवेन क्रिमिनल लॉ एक्ट भी लगाया जाता है। श्री तिवारी ने प्रशासन से यह भी सवाल उठाया है कि लखनऊ वाराणसी राजमार्ग की अत्यन्त व्यस्तता के बावजूद उसे ढाई घंटे तक जाम किये जाने का वीडियो सार्वजनिक है, इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग को जबरिया बाधित करने वाले आरोपियो पर प्रशासन ने कार्रवाई नही की। श्री तिवारी ने कहा कि यह गंभीर सवाल है कि पुलिस द्वारा दूसरे पक्ष की तहरीर को रिसीव किये जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई किया जाना संभव नही हो सका है। उन्होनें आरोप लगाया कि प्रशासन सिर्फ एक पक्षीय कार्रवाई कर रहा है जबकि ब्लाक सभागार की घटना को लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी का बयान स्पष्ट है कि कार्यक्रम मे विधायक आराधना मिश्रा मोना पहले से मौजूद थी और पहले से चल रहे कार्यक्रम मे इन दोनों अधिकारियो के सामने सांसद के साथ कोई दुर्व्यवहार नही किया गया है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से यहां जारी बयान मे पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि सांगीपुर की घटना की शुरूआत सांसद समर्थक अभिषेक पाण्डेय के द्वारा सरकारी कार्यक्रम के संचालक से माइक छीनने और गैरजिम्मेदार नारेबाजी शुरू कराने एवं प्रमुख पद के हारे हुए प्रत्याशी ओमप्रकाश पाण्डेय उर्फ गुडडू पाण्डेय के द्वारा मंच से लेकर कार्यक्रम स्थल तक लगातार अश्लील और भददी भददी गालियांे से ही हुई। सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कहा कि सांसद के साथ आये ओमप्रकाश पाण्डेय उर्फ गुडडू हाल ही मे कांग्रेस छोडकर भाजपा मे गये है और ब्लाक प्रमुख चुनाव हारने की खींझ मे वह मंच से गालियां देकर माहौल को खराब करने लगे। उन्होनें प्रशासन से कहा कि आरोपी गुडडू पाण्डेय की गालियां भी कई वीडियों मे स्पष्ट है और वीडियो मे यह भी साफ दिख रहा है कि गुडडू पाण्डेय भी भगदड़ मे गिर गये। उन्होनें कहा कि कार्यक्रम मे वह स्वयं तथा विधायक मोना एवं सांसद संगमलाल गुप्ता सभी से शांति बनाये रखने की अपील करते रहे इसके बावजूद जब नारेबाजी बंद नही हुई तो विधायक मोना ने सभी से मंच से नीचे आने का आग्रह किया। उन्होनें कहा कि सांसद संगमलाल गुप्ता के साथ प्रमुख पद के हारे हुए प्रत्याशी के अलावा जिला पंचायत के चुनाव मे हारे हुए प्रत्याशी मंच से नीचे नही उतरे जबकि इनमे से कोई भी न तो निर्वाचित था और न ही भारतीय जनता पार्टी का एक भी सम्मानित पदाधिकारी ही रहा। उन्होनें सवाल उठाया कि जब सांसद संगमलाल गुप्ता को दिन मे बारह बजे सांगीपुर स्वयं के द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पहुंचना था तो वह जानबूझकर दिन मे ढाई बजे तब आये जब उन्हें कार्यक्रम मे मौजूद अधिकारियो ने पहले से ही यह सूचित कर दिया था कि कार्यक्रम मे क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना और प्रमोद तिवारी मंच पर आ चुके है। श्री तिवारी ने कहा कि इसके बावजूद सांसद संगमलाल गुप्ता नही माने और अपने पन्द्रह सोलह समर्थको को लेकर मंच पर आ गये। प्रमोद तिवारी ने यह भी दलील दी है कि सांगीपुर के कार्यक्रम मे तो विधायक मोना ने सांसद संगमलाल का सम्मान करते हुए अपनी कुर्सी दी और वह स्वयं सांसद संगमलाल को मंच पर आसन ग्रहण करा चुके थे। यही नही श्री तिवारी के मुताबिक लालगंज मे भी कांग्रेस समर्थित ब्लाक प्रमुख और रामपुर संग्रामगढ़ मे तो निर्विरोध कांग्रेस समर्थित प्रमुख की मौजूदगी मे सांसद की गरिमा का कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा स्वयं क्षेत्रीय विधायक मोना व उन्होनें ध्यान रखा। श्री तिवारी ने कहा कि सांसद ने स्वयं के साथ मारपीट की घटना का झूठा दावा करते हुए यह भी झूठा तथ्य प्रचारित कराया कि इंस्पेक्टर को कार्यक्रम मे मारापीटा गया जबकि स्वयं सांगीपुर के इंस्पेक्टर तथा सीओ ने अधिकारियो के सामने मारपीट जैसी घटना का खण्डन किया है। श्री तिवारी ने कहा कि सांसद संगम लाल गुप्ता को लेकर जारी कई वीडियो यह दर्शा रहे है कि वह मंच से लेकर अपनी कार तक सुरक्षाकर्मियों के साथ सुरक्षित जाते है और कार्यक्रम स्थल से लगभग चौदह किलोमीटर दूर लालगंज तक सुरक्षित जाते हुए कार से वहां भी सुरक्षित ही उतरते है। सांसद से कार से उतरते समय भी उनका कपड़ा सुरक्षित है और कुछ देर बाद नाटकीय मंचन मे दो अफवाहें फैला दी जाती है। श्री तिवारी ने पार्टी कार्यकर्ताओ व समर्थको से शांति बनाए रखने पर फिर जोर देते हुए कहा कि वह जनता के सामने इन तथ्यो को रखते हुए प्रशासन से यह चाहते है कि वह जांच मे शीघ्रता करे ताकि प्रतापगढ़ के सांसद द्वारा जिस तरह का झूठ बोला गया है उसकी सच्चाई सभी के सामने आ सके। उन्होनें घटना को लेकर तीन वीडियो का हवाला भी देते हुए कहा है कि इनमें स्पष्ट है कि मंच पर उनके तथा विधायक मोना एवं ब्लाक प्रमुख व चार निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी के लिए सात कुर्सियां है तथा क्षेत्रीय विधायक द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर शुरू हुआ कार्यक्रम लाभार्थियो की गरिमामय मौजूदगी मे शांतिपूर्वक चल रहा होता है। ऐसे मे भी सांसद के आने पर उन्हें उनकी गरिमा के अनुरूप मंच पर मौजूद लोगों द्वारा गरिमामयी व्यवहार किया गया है। श्री तिवारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से किसी भी दशा मे उत्तेजित न होते हुए जिले मे अमन और शांति के वातावरण की मजबूती मे जुटे रहने का भी आहवान किया है।