समाज का दर्पण होते हैं शिक्षक मनीषी…. मोती सिंह

 

गोई गांव में धूमधाम से मनाई गई पुण्यतिथि

 

मंत्री विधायक ने विद्वानों को किया सम्मानित

 

पट्टी,प्रतापगढ़।तहसील क्षेत्र के गोई गांव में शनिवार की देर शाम पंडित पारसनाथ त्रिपाठी शास्त्री के पुण्यतिथि अवसर पर मुख्य अतिथि पद बोलते हुए कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने कहा कि

शिक्षक मनीषी समाज का दर्पण होता है। वह समाज से कभी सेवानिवृत्त नहीं होता है। वह हमेशा अपने ज्ञान रूपी जल से समाज को सदैव सिंचित करने का कार्य करता है। पंडित पारसनाथ त्रिपाठी शास्त्रीऊ जी मरणोपरांत समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। और दुनिया में माता पिता की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। और मंत्री ने ऐसे भव्य कार्यक्रम के लिए आयोजक उमाकांत त्रिपाठी की भूरि भूरि प्रशंसा किया। इस दौरान मंत्री मोती सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2022 के चुनाव में कमल खिलेगा और युपी में भाजपा की पूर्ण बहुमत सरकार की सरकार बनेगी। और उन्होंने प्राचीन शिव मंदिर पलियन नाथ धाम तक पक्की सड़क बनवाने का आश्वासन दिया।

 

 

कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि रानीगंज विधायक अभय कुमार ओझा उर्फ धीरज ओझा ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का समाज अपने कर्तव्यों से विमुख होता जा रहा है। हर पुत्र का धर्म है कि वह अपने माता-पिता की सेवा करें। जीवित रहने पर सेवा करने में कहीं कमी हो तो मरणोपरांत माता पिता की पुण्यतिथि पर वेद शास्त्र के अनुसार श्रद्धा के साथ श्राद्ध अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से आत्मा तृप्त हो जाती है। और परिवार में सुख शांति का वास होता है।कार्यक्रम को राजेश्वर प्रसाद दुबे, शिवेश शास्त्री, मारकंडेय तिवारी, रमाकांत तिवारी, शशांक मिश्र, विनोद त्रिपाठी,सुधाकर पांडेय, सुनीलदुबे,

चंद्र भूषण शुक्ल, ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान मंत्री मोती सिंह और विधायक धीरज ओझा के हाथों संस्कृत विद्वानों को अंगवस्त्रम धार्मिक ग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन पंडित रामानंद ओझा शास्त्री ने किया। और अध्यक्षता रमेश प्रसाद शुक्ल ने किया। आयोजक उमाकांत त्रिपाठी ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से बेलखरनाथ प्रमुख सुशील सिंह, शिवगढ़ प्रमुख सत्यम ओझा, मंत्री प्रतिनिधि विनोद पांडेय, आजाद दुबे, छोटे लाल त्रिपाठी, हरिप्रसाद त्रिपाठी, शेषमणि त्रिपाठी, सोमनाथ त्रिपाठी, सभाजीत मिश्र, कमलेश दुबे, प्रमोद दुबे, विजय दुबे, राहुल त्रिपाठी, दुर्गा प्रसाद शुक्ल, सीताराम तिवारी, अमित पांडेय, श्याम शंकर मिश्र, चंद्र भूषण शुक्ल शिक्षा मनीषी, बुद्धिजीवी,समाजसेवी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।