तीन नाबालिगों का कौन बनेगा सहारा

5 लोगों पर एफ आई आर दर्ज

लक्ष्मणपुर -प्रतापगढ़। जेठवारा थाना क्षेत्र के चमरूपुर शुक्ला निवासी कन्हैया लाल जायसवाल की पुत्री सीमा की शादी 11 मार्च 2011 को जेठवारा थाना क्षेत्र के लक्ष्मी गंज बाजार तहसील सदर निवासी राजकुमार जायसवाल पुत्र अमृतलाल जायसवाल के साथ हुई। शादी बड़े धूमधाम से हुई तब कौन जानता था की सीमा अपने ससुराल में प्रताड़ित की जाएगी। पति राजकुमार का चाल चलन ठीक ना होने की वजह से अक्सर सीमा व राजकुमार में अनबन रहती थी। प्रताड़ना के चलते सीमा ससुराल छोड़कर अपने मायके चली आई ।मामला महिला प्रकोष्ठ अधिकारी प्रतापगढ़ के यहां पहुंचा। जहां पर 10 जुलाई 2014 को महिला प्रकोष्ठ अधिकारी के समक्ष दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद समझौता होने पर राजकुमार के द्वारा पत्नी सीमा को प्रताड़ित न करने का लिखित में देने के बाद सीमा अपने ससुराल पति के साथ जीवन यापन करने को तैयार हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीमा के पति राजकुमार का चाल चलन ठीक ना होने के कारण पड़ोस की किसी महिला के साथ छेड़खानी के आरोप में जेल भी काट चुका है। 13 सितंबर 2021 को पति राजकुमार ने पत्नी की तबीयत खराब होने की सूचना सीमा के मां-बाप को दिया। सूचना पर पहुंची मां कलावती एवं पति कन्हैयालाल जब मौके पर पहुंचे तो बिटिया ने जहर खिलाए जाने की बात अपनी मां को बताया। मायके पक्ष के लोगों ने बिटिया को इलाज हेतु प्रतापगढ़ लेकर जा ही रहे थे कि रास्ते में सीमा की सांसे थम गई। मायके जन सीमा को वापस उसकी ससुराल ससुराल पहुंच कर जेठवारा थाने में पति राजकुमार जायसवाल, जेठ जवाहरलाल, देवर भारत जायसवाल, तथा सास एवं जेठान के खिलाफ जेठवारा थाने में तहरीर दिया। जिस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वही 14 सितंबर 2021 को जेठवारा थाने में तहरीर के आधार पर पांचो लोगों के खिलाफ धारा 498 ए ,323 तथा 302 भारतीय दंड संहिता 1860 में मुकदमा दर्ज हुआ। इस विषय में जेठवारा यशो रविंद्र कुमार तिवारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विश्रा परीक्षण के लिए भेजा गया है। उचित कार्यवाही की जा रही है। मृतक सीमा के 3 बच्चे सबसे बड़ा लड़का इसित 9 वर्ष , लड़की भूमि 8 वर्ष तथा पुत्र अभी 6 वर्ष है। अब ऐसे में तीनों बच्चे अपने पिता के घर पर ही हैं। एफ आई आर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी लगभग तय है ।ऐसी स्थिति में अब इन तीनों नाबालिक बच्चों के जीवन का सहारा कौन बनेगा? यह तो आने वाले समय पर ही निर्भर है।