जलमग्न अस्पताल कैसे लड़ेगा डेंगू के खिलाफ जंग

 

पट्टी जिस महकमे के ऊपर लोगों की सेहत को सुधारने की जिम्मेदारी है उस अस्पताल परिसर में 2 दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण परिसर पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है जिससे मरीजों के साथ तीमारदारों और कोविड-19 का टीका लगवाने वाले लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अस्पताल प्रशासन नगर पंचायत पर तो नगर पंचायत अस्पताल प्रशासन पर ठीकरा फोड़ रहा है। सभी अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं वही अस्पताल की इस दुर्दशा से मरीज परेशान है।

पट्टी तहसील के पट्टी नगर में रायपुर रोड पर स्थित पन्नालाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है आसपास के कई गांवों के लोग इलाज कराने के लिए मरीजो के लिए यही अस्पताल उनका एकमात्र सहारा है।बलेकिन अस्पताल की सेहत जलजमाव के कारण बिगड़ी हुए दिखाई दे रही है ।जब भी लगातार झमाझम बारिश होती है तो अस्पताल परिसर जलमग्न हो जाता है। वही इस समय कोविड-19 के वैक्सीनेशन के कारण अक्सर अस्पताल में लोगों का भीड़ लगी रहती है ऊपर से वायरल फीवर से लोग पीड़ित हैं ऐसे में अस्पताल पहुंचना लाजमी है लेकिन 2 दिन की लगातार बारिश के कारण अस्पताल परिसर पूरी तरीके से जलमग्न हो चुका है। बुधवार को हुई बारिश के कारण और रात में झमाझम बारिश से अस्पताल परिसर पूरी तरीके से जलमग्न हो चुका है जिससे गंदगी फैल चुकी है।

सेहत की डोज पर भारी पड़ रहा जलजमाव

कोविड 19 से बचाव के लिए जूझ रहे लोगो के लिए एक नई आफत डेंगू बीमारी बनकर उभरी है। जल जनित बीमारी डेंगू का इस समय प्रकोप धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। पट्टी तहसील क्षेत्र के आसपुर देवसरा में 4 मरीज डेंगू के पाए गए जिन्हें प्रयागराज स्थित अस्पताल में एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य महकमा लगातार लोगों को अपने विज्ञापनों और प्रचार-प्रसार के माध्यम से यह बात बता रहा है कि जलजमाव नहीं होना चाहिए लेकिन अस्पताल परिसर में हुए जलजमाव को देखने के बाद ऐसा लगता है। कि यह सब स्वास्थ्य महकमे के नाक के नीचे ही हो रहा है तो आखिर कैसे लोगों को जागरूक करने का काम महकमा करेगा।

एक दूसरे पर फोड़ रहे हैं ठीकरा

इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर नीरज सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में जलसमस्या के लिए हमने इसके संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अभियंता से हमने कई बार शिकायत किया था लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। वही नगर पंचायत के अधिशासी अभियंता से संपर्क करने पर पता चला कि अस्पताल परिसर में बनी हुई नाली काफी ऊंचाई पर है। जिसके कारण पानी सुचारु रुप से निकल नहीं पाता है जिसमें अस्पताल प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है जिसके कारण समस्या बनी हुई है।