सिवान में 90 प्रतिशत अनुदान पर मत्स्य विकास को मिलेंगे वाहन

सिवान । मत्स्य विभाग द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति के लिए 90 प्रतिशत अनुदान पर मछली खरीद बिक्री व विकास के लिए वाहन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए विभाग द्वारा मत्स्य के व्यवसाय अथवा उत्पादन करने वाले अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को विभाग के वेबसाइट पर आवेदन देने की अपील की गई है।

 

इस संबंध में मत्स्य विकास पदाधिकारी नरेंद्र किशोर ने बताया कि वर्ष 2021-22 के लिए वर्तमान में आवेदन लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री मत्स्य विकास परियोजना के अंतर्गत वाहन के खरीद पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसमें मोपेड सह आईस बॉक्स, थ्री व्हीलर व फोर व्हीलर शामिल है। इसके साथ ही मात्सि्यकी विकास को लेकर भी अनुदान दिया जाना है। जिसमें मत्स्य बीज हैचरी का निर्माण, नये तालाब का निर्माण ट्यूबवेल एवं पंपसेट की खरीदारी तथा मात्सि्यकी तालाब के लिए मत्स्य बीज, फीड, मेन्योंरिग और दवा की खरीदारी पर भी अनुदान होगा। योजना का लाभ उन्हें ही दिया जाना है, जो पूर्व से ही मछली की खरीद बिक्री करते हैं एवं उन्हें आने जाने के लिए वाहन की जरूरत है। मत्स्य बीज हैचरी निर्माण के लिए आवेदक के पास पूर्व से उपलब्घ मत्स्य ब्रुडर, मत्स्य बीज उत्पादन का अनुभव हो तथा उसके पास हैचरी के लिए पर्याप्त जमीन हो। मछली के रखरखाव व एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाने में मिलेगी मदद : लाभुकों को वाहन मिलने से मछली के रख-रखाव व एक-दूसरे स्थान पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे मछली खराब होने का डर नहीं रहेगा। वहीं मछली का उचित मूल्य मिलने से आमदनी में इजाफा होगा। साथ ही मछली के कारोबार का विस्तार होने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। क्या कहते हैं जिम्मेदार : वाहन के माध्यम से दूर-दराज क्षेत्रों के तालाबों से ताजा मछली बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। वहीं वाहन में आइस बाक्स होने से मछली खराब नहीं होगा। इसको लेकर आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। आवेदन का सत्यापन हो जाने के बाद विभाग द्वारा अग्रतर कार्यवाही करते हुए लाभुकों के बीच वाहनों का वितरण किया जाएगा