बारह दिनों से गायब नाबालिग किशोरी का पता लगाने में  पुलिस रही नाकाम

परिजनों के मुताबिक 12 दिनों से नामजद आरोपी पुलिस हिरासत में

रानीगंज पुलिस को शायद कानून का नहीं कोई भय

वर्षों से जमे चर्चित दरोगा से पीड़ित परिजन दहशत में

रानीगंज, प्रतापगढ़। रानीगंज थाना क्षेत्र के राजापुर महोथरी गांव से डेढ़ सप्ताह पूर्व  शौच के लिए घर से निकली सोलह वर्षीय एक नाबालिग लड़की को कुछ बदमाशों ने ग़लत नियत के बोलेरो जीप में जबरन बिठाकर अगवा कर लिया था। इस मामले में परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दिया था। नामजद दो आरोपियों को पुलिस ने तत्काल दबोच भी लिया। किन्तु रानीगंज पुलिस का असली चेहरा तब उजागिर हुआ, जब लगभग बारह दिनों से हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों से लेनदेन के चक्कर में न तो उन्हें छोड़ा गया, न ही उनका चालान किया गया। एसपी इस समय अपराध व अपराधी को सबक सिखाने में जुटे हैं, वही रानीगंज में वर्षो से तैनात एक दरोगा उनके अरमानों पर पानी फेर रहा है। यदि इस दरोगा के कारनामों की एसपी द्वारा जांच कराई जाए तो शायद बड़े राज खुल सकते हैं।अपनी कार्यशैली से आम जनता में इस दरोगा के प्रति खासा आक्रोश है।पीड़ित परिवार ने भी दरोगा पर चंद पैसों की लालच में आरोपी की मदद करने का आरोप मढ़ा है।

बता दें कि रानीगंज के राजापुर महोथरी गांव में गत 25 अगस्त को महेश चंद्र चौरसिया की 16 वर्षीय पुत्री सुबह भोर में लगभग 5 बजे घर से शौच के लिए गई। किन्तु घर वापिस नहीं आई। परिजनों ने काफ़ी तलाश की, किन्तु कहीं अता पता नहीं चला तो 26 अगस्त को नामजद तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी।पुलिस ने मामला दर्ज कर इसकी जांच दरोगा योगेश कुमार चतुर्वेदी को दी गई। दरोगा अपने कार्यशैली के मुताबिक नामजद दोनों आरोपियों कैलाश सुत पन्नालाल व पन्नालाल सुत झुगरु निवासी राजापुर महोथरी को गिरफ्तार कर लिया।इनकी गिरफ्तारी होने से परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी थी,किन्तु दरोगा जी को न्याय देने से ज्यादा उम्मीद पैसों की थी। इसी  पैसों की खातिर 12 दिनों से कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसा आरोप लड़की के परिजनों का है।यही नहीं अपहृत लड़की के परिजनों का आरोप है कि नामजद आरोपी के कुछ गुंडे परिजनों पर दबाव व धमकी दे रहे हैं कि यदि पुलिस के पास जाओगे तो तुम्हें जान से हाथ धोना पड़ेगा।साथ लड़की की इज्ज़त तार तार कर तुम्हारे दरवाजे पर फेंक दूंगा।ऐसा आरोप परिजनों ने तहरीर में लगाया है। इसके बाद भी दरोगा जी का कलेजा नहीं पसीजा। उन्होंने न तो लड़की को बरामद करने में कोई दिलचस्पी दिखाई, न ही पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध किसी प्रकार की विधिक कार्यवाही ही किया।इससे हर व्यक्ति के मन मे संदेह होना लाजिमी है।परिजनों ने इस पत्र के माध्यम से एसपी का ध्यान आकृष्ट करते हुए न्याय की उम्मीद की है।