वरूण सिंह

उत्तर प्रदेश । भाजपा के गोरखपुर, गाजियाबाद, झांसी, बुलंदशहर, श्रावस्ती, मऊ, मुरादाबाद सहित आधा दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए, वही, सपा ने प्रत्याशियों का बंधक बनाने का आरोप लगाया है । गाजियाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर भाजपा प्रत्याशी के अलावा किसी अन्य पार्टी के प्रत्याशी ने नामांकन नहीं दाखिल किया है, ऐसे हाल में भाजपा प्रत्याशी ममता त्यागी का निर्विरोध चुना जाना तय है । अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास ने बताया कि शनिवार को सिर्फ ममता त्यागी ने नामांकन किया है, उनके विरोध में कोई नामांकन पत्र जमा नही किया गया है, जिला प्रशासन द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्विरोध विजयी घोषित होने की आधिकारिक घोषणा तीन जुलाई को की जाएगी, 

सपा और रालोद ने संयुक्त रूप से बसपा से निष्कासित धौलाना विधायक असलम चौधरी की पत्नी नसीम बेगम चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया था, सपा महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने सपा-रालोद प्रत्याशी नसीम बेगम चौधरी की प्रस्ताव रजनी खटीक को एक होटल में बंधक बनाने का आरोप लगाया है, उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी ममता त्यागी को चुनाव में जिताने के लिए भाजपा द्वारा सपा-रालोद प्रत्याशी को नामांकन करने से रोका जा रहा है, सपा के आरोपों पर अपर जिलाधिकारी रितु सुहास का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है, जांच कराई जाएगी ।

गोरखपुर जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा व सपा कार्यकर्ताओं के बीच बवाल हो गया। इस दौरान भाजपा समर्थकों ने सपा प्रत्याशियों को कलेक्ट्रेट मेन गेट पर रोक लिया। इतना ही नहीं बल्कि सपा के पूर्व सदस्य की जमकर पिटाई कर दी। जानकारी के मुताबिक, पहले सपाई शास्त्री चौक पर एकत्रित हुए। यहां पुलिसकर्मियों की रोक टोक के बाद 1.30 बजे एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव सपा प्रत्याशी समेत चार लोगों को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित नामांकन कक्ष की तरफ बढ़े कि मुख्य गेट पर भाजपा समर्थकों ने रोक लिया। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य पारस यादव की जमकर पिटाई कर दी, डर के मारे सपा प्रत्याशी और अन्य बाहर गेट पर खड़े रहे वहीं सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव भाजपा समर्थकों को गेट के पास से हटने के लिए समझाने में जुटे रहे। आखिर में सपा जिलाध्यक्ष नगीना साहनी अपने प्रत्याशी के साथ लौट गए। गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी साधना सिंह ने शनिवार को 12:30 बजे नामांकन दाखिल किया। वहीं नाटकीय तरीके से समाजवादी पार्टी ने अंतिम समय में अपना प्रत्याशी बदल दिया। आलोक गुप्ता की जगह बड़हलगंज वार्ड नंबर 47 से जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र यादव को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया। जितेंद्र यादव शुक्रवार की शाम तक पर्चा न मिलने का आरोप लगा रहे थे। वहीं कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश न मिलने के कारण जितेंद्र यादव पर्चा दाखिल नहीं कर सके। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बन सकती हैं।

झांसी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किए गए। सुबह 11 से दोपहर तीन बजे की अवधि के दौरान भाजपा प्रत्याशी पवन गौतम ने ही दो सेट नामांकन के दाखिल किए। इसके अलावा अन्य कोई नामांकन दाखिल करने नहीं आया। जबकि, सपा ने आशा गौतम को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वे नामांकन दाखिल करने नहीं पहुंचीं। इस बीच सपा के जिलाध्यक्ष महेश कश्यप ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर पुलिस ने सपा प्रत्याशी के प्रस्तावक हेमंत सेठ को घर से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके अलावा अन्य सभी सदस्यों के घर पर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया, जिससे सपा प्रत्याशी नामांकन दाखिल नहीं कर पाईं। बुलंदशहर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी डॉ. अंतुल तेवतिया  निर्विरोध चुनी गई हैं. बीजेपी प्रत्याशी डॉ. अंतुल तेवतिया के सामने किसी भी जिला पंचायत सदस्य ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है. इससे पहले शनिवार को डॉ. अंतुल तेवतिया ने अपना नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उनके साथ प्रस्तावक रेनू सिंह, सारिका त्यागी, मंगल सिंह और नाहर सिंह जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे. कलेक्ट्रेट गेट के बाहर वन राज्य मंत्री अनिल शर्मा सहित अन्य भाजपाई मौजूद रहे ।

श्रावस्ती सीट पर भाजपा प्रत्याशी पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। उनके समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इसकी खुशी मनाई।

दद्दन मिश्रा के नामांकन में सांसद कैसरगंज बृज भूषण शरण सिंह, जिला प्रभारी अवधेश पाण्डेय (पाण्डेय), विधायक श्रावस्ती राम फेरन पाण्डेय, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय कैराती पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष शंकर दयाल पाण्डेय एवं भारी संख्या में जिले के प्रधान, प्रबुद्धजन, जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। वहीं, सपा प्रत्याशी का प्रस्तावक ही नामांकन से पहले गायब हो गया। जिससे वह तय समय तक नामांकन ही नहीं दाखिल कर सका।

मऊ से भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मनोज राय निर्विरोध निर्वाचित कर दिए गए। उन्होंने तीन सेटों में अपना नामांकन दाखिल किया था। पौने तीन बजे तक भाजपा प्रत्याशी के अलावा कोई भी प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने नहीं आया। निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जाने के बाद मनोज राय अपने समर्थकों के साथ खुशी मुद्रा में नजर आए।

मऊ में भाजपा उम्‍मीदवार की जीत के बाद पार्टी कार्यालय पर ढोल नगाड़े संग भाजपा कार्यकर्ता जश्न मनाते नजर आए। धूम धाम से पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्‍न मनाया और एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। दरअसल भाजपा की ओर से ही पर्चा दाखिल करने और सपा की ओर से उम्‍मीदवार के न आने की वजह से तय समय तीन बजे तक अधिकारियों ने उम्‍मीदवारों का इंतजार किया मगर किसी के न आने की वजह से आखिरकार भाजपा के उम्‍मीदवार मनोज राय को ही निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

मुरादाबाद जिले में कुल जिला पंचायत सदस्य 36, इनमें भाजपा पर मात्र नौ और गढ़ भी सपा अर्थात साइकिल का, लेकिन भाजपा ने ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया कि कोई दरबें से निकल कर ही नहीं आया जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए नामांकन कराने को। ऐसे में भाजपा की डॉ. शैफाली बिना लड़े ही जिला पंचायत अध्यक्ष बन गईं, मुरादाबाद जिले में बहुजन समाज पार्टी के 11, समाजवादी पार्टी के 10, भाजपा के नौ, निर्दलीय चार के अलावा आम आदमी पार्टी व एआईएमआइएम के एक एक सदस्य जिला पंचायत सदस्य थे। ऐसे में स्पष्ट था कि भाजपा के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट दूर की कौड़ी थी लेकिन बसपा ने अध्यक्ष पद से किनारा करते हुए पार्टी प्रत्याशी उतारने से मना कर दिया था।