रिपोर्ट, हम्माद
भाजपा नेतृत्व ने पूर्व आईएएस एके शर्मा को एमएलसी बनाने के ठीक लगभग पांच महीने बाद संगठन में उपाध्यक्ष बनाकर साफ संकेत दे दिया है, कि पार्टी के “एक व्यक्ति एक पद” के सिद्धांतों पर गौर करें तो एके शर्मा को अब मंत्रिमंडल में लिए जाने की अटकलों पर भी विराम लग गया है, साथ ही पदाधिकारियों के चयन में पार्टी ने जातीय व क्षेत्रीय संतुलन भी बिठाने की पूरी कोशिश की है, वहीं भारतीज जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के भतीजे और पुराने व मेहनती पदाधिकारी प्रांशु दत्त का चयन कर कार्यकर्ताओं का संदेश दिया है, कि पार्टी में मेहनत करने वालों के लिए कोई भी पद पहुंच से बाहर नहीं है,
प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को 10 पदाधिकारियों को संगठन में नियुक्त किया, सबसे चौंकाने वाली नियुक्ति एके शर्मा की है, उन्होंने 5 फरवरी को एमएलसी पद की शपथ ली थी, तब से उन्हें डिप्टी सीएम से लेकर न जाने क्या-क्या बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश संगठन में 15 अन्य उपाध्यक्षों के साथ तैनाती देकर साफ कर दिया है कि फिलहाल उनका मंत्री बनना मुमकिन नहीं है, शायद यही वजह रही कि एके शर्मा ने नियुक्त के तुरंत बाद ट्वीट कर सहर्ष संगठन की सेवा करने का संदेश दे दिया, 
पार्टी ने पुराने निष्ठावान कार्यकर्ता को दी तरजीह
जारी सूची में दस पदाधिकारियों में मुख्य रूप से दो ब्राह्मण, एक क्षत्रिय, दो ओबीसी, दो एससी,एक एसटी और एक मुस्लिम शामिल हैं, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए फर्रुखाबाद के प्रांशु दत्त द्विवेदी पूर्व कद्दावर मंत्री रहे ब्रह्मदत्त द्विवेदी के भतीजे हैं, वह भाजयुमो में राष्ट्रीय मंत्री रह चुके हैं, मौजूदा वक्त में वह प्रदेश मंत्री थे, पार्टी में उनकी छवि एक जुझारू युवा नेता की रही है, साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी में मंत्री भी थे, पार्टी ने उन्हें मेहनत और निष्ठावान कार्यकर्ता होने का इनाम दिया है, उनके अलावा जितिन प्रसाद को भाजपा में शामिल करने के साथ ही लखनऊ की अर्चना मिश्रा को मंत्री बनाकर ब्राह्मणों को साधने की कोशिश की गई
इन पदाधिकारियों के संग काम करेंगे एके शर्मा
नवनियुक्त उपाध्यक्ष एके शर्मा को अन्य उपाध्यक्षों जैसे एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, विजय बहादुर पाठक, विधायक पंकज सिंह, सांसद कामता कर्दम, एमएलसी सलिल विश्नोई, प्रकाश पाल, पद्मसेन चौधरी, दयाशंकर सिंह, देवेंद्र सिंह चौधरी, संतोष सिंह के साथ काम करना होगा। पार्टी संविधान के अनुसार उपाध्यक्ष वरिष्ठ पद है लेकिन महामंत्री को अधिकार ज्यादा हैं।