Vikash singh
बलिया। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से ठीक पहले बसपा को बड़ा झटका लगा है। पूर्व मंत्री व बलिया के कद्दावर बसपा नेता अंबिका चौधरी तथा उनके जिला पंचायत सदस्य पुत्र आनंद चौधरी ने पार्टी से किनारा कर लिया है। यही नहीं, बसपा छोड़ते ही सपा ने आनंद चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाकर राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। चर्चा है कि अंबिका चौधरी सपा ज्वाइन कर सकते है।मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी अंबिका चौधरी पांच साल पहले तक सपा के कद्दावर नेता माने जाते थे।
गौरतलब हो कि 2017 में विधानसभा चुनाव से पहले अंबिका चौधरी बसपा में शामिल हुए थे, लेेकिन शनिवार को पूर्व मंत्री ने खुद को बसपा से अलग कर लिया। पूर्व मंत्री ने कहा है कि 2019 में लोकसभा चुनाव के उपरान्त पार्टी की किसी मीटिंग में मुझे छोटा-बड़ा कोई उत्तरदायित्व नहीं सौंपा गया। इस स्थिति में मैं अपने को पार्टी में उपेक्षित और अनुपयोगी पा रहा हूं। पूर्व मंत्री ने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष, दल के सभी नेताओं एवं सहयोगियों का आभार भी जताया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि 19 जून को सपा ने मेरे पुत्र को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उससे पहले ही मैंने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती को भेज दिया है, ताकि मेरी निष्ठा पर किसी तरह का सवाल न उठे।