कुलदीप सिंह
आजमगढ़ । जहां केंद्र तथा राज्य सरकार गरीबों को छत देने की मुहिम में लगी है, तो वहीं राजस्व विभाग व पुलिस महकमा एक गरीब परिवार को बेघर करने लिए मजबूर कर रहा है । मामला कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भवानी पट्टी का है, जहां लवटु विश्वकर्मा और उसके परिवार पर राजस्व विभाग और कप्तानगंज पुलिस दोनों ने अपनी भृकुटी तान कर शनि की साढ़ेसाती के समान व्यवहार कर रहे हैं । बता दें कि लवटु  विश्वकर्मा को उसके भाई पट्टीदार आपसी बंटवारे में आबादी से बाहर बंजर की जमीन को अपनी आबादी बता कर दे दिया, जिस पर लवटु के पिता ने 45-50 वर्ष पहले झोपड़ी बनाकर रहने लगे, जबकि उसके भाई पट्टीदार आबादी की जमीन पर खुद काबिज हो गए । लवटू के पांव के तले जमीन तब खिसक गई, जब राजस्व विभाग की नींद 45-50 वर्ष बाद खुली और परिवार को बंजर की जमीन खाली करने के लिए नोटिस जारी कर दिया जिस पर लवटू अपने भाई पट्टीदारों से सारी बात बताते हुए आबादी में अपना और अपने परिवार के लिए सर छुपाने हेतु जमीन मांगने लगा । जिस पर भाई पट्टीदारों ने मना करते हुए आबादी में बची जमीनों पर निर्माण कार्य कराने लगे । लवटू जब गुहार लगाकर थक गया तो उसने पुलिस प्रशासन की शरण में जाने का निश्चय किया । लवटू और उसके लड़के अनिल का कहना है कि पहले तो पुलिस ने दो हजार रुपये लेकर निर्माण कार्य को रोकते हुए हम दोनों पक्षों को आपसी बातचीत कर मसले को सुलझाने को कहा, परंतु अचानक एक-दो दिन में कौन सा कारनामा हुआ कि दोनों पक्षों को बुलाकर पहले कार्य बंद कर दिया, बाद में विपक्षी भाई पट्टीदारों को छोड़ते हुए निर्माण कार्य शुरू करा दिया, तथा लवटू को मारपीट कर बंद कर उसका मोबाइल फोन भी रख लिया, जो अभी भी पुलिस के पास है, लवटू और उसके लड़के का यह भी कहना है कि कप्तानगंज थाने के उपनिरीक्षक कृष्णानंद थाने पर अपनी गुहार लेकर जाने पर गाली देते हुए बंद करने की बात कह कर भगा देते हैं, जिससे लवटू का परिवार डरा हुआ है, और न्याय की आस में दर-बदर  भटक रहा है ।देखना यह है कि कब तक राजस्व विभाग व कप्तानगंज पुलिस अपनी कानूनी और निजी महत्वाकांक्षा के व