राजेश सिंह
अतरौलिया थाना क्षेत्र की जमीन नंदना गांव में दहेज के लिए विवाहिता को जहां मारपीट कर ससुराल पक्ष के लोगों ने भगा दिया । वही मायके पक्ष के लोग जब  समझौता कराने के लिए पहुंचे तो उन्हें भी लाठी-डंडे से पीटकर ससुराल पक्ष के लोगों ने घायल कर दिया, इस मामले में थाने में तहरीर दिया है । पीड़िता के भाई अनिल ने आरोप लगाया कि उसकी विवाहित बहन सविता को कम दहेज मिलने के कारण आए दिन मारा पीटा जाता था, जिसकी सुलह समझौता कराने पहुंचे परिजनों को भी कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया । प्रार्थी के तहरीर के अनुसार इंदौर पुर थाना राजेसुलतानपुर ,अम्बेडकर नगर निवासिनी रामनेवास की पुत्री सविता की शादी लगभग 5 वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के जमीन नंदना निवासी सचिन गौड़ पुत्र विजयी गौड़ के साथ हिंदू रीति रिवाज के अनुसार बड़े ही धूम धाम से हुई थी, लड़की वालों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज भी दिया था, इन्ही 5 वर्षो में दो लड़का भी पैदा हुआ, लेकिन विवाहिता सविता जब से अपनी ससुराल जमीन नंदना गई, तब से ही उसके ससुर विजई, सासु भानमती ,जीतेंद्र ,धर्मेंद्र पुत्र स्व0 कृपाल गौड़ तथा नितिन पुत्र मिथुन दहेज के लिए उसे आए दिन तरह-तरह से प्रताड़ित करने लगे। इसी बीच 12 जून को घर के सभी सदस्य एकजुट होकर सविता को मारने पीटने लगे तथा उसके शरीर से कपड़े भी उतार कर उसे घर से बाहर कर दिए। जब इसकी सूचना मायके वालों को हुई तो पीड़िता का भाई अंकित अपने बहन के घर पहुंचा समझौता कराने पहुंचा ।ससुराल वाले उसे भी बुरी तरह से मारपीट कर जख्मी कर दिए । जख्मी भाई अंकित ने इस बात की सूचना नजदीक ही पंडोली निवासी अपने मामा राधेश्याम को दी और उन्हें मौके पर बुलाया । पहले से ही तैयार लड़के पक्ष के लोग उन्हें भी लगे लाठी डंडे से मार कर घायल कर दिया, वही लड़की के भाई अंकित की मोटरसाइकिल तोड़ फोड़ दी और धमकी देते हुए बोले कि यदि तुम्हारी बहन को यहां रहना है तो एक लाख नगद तथा एक सोने की चेन, कलर टीवी लाओगे तभी रखेंगे उसके बगैर यहां रहने भी नहीं देंगे । अगर ऐसा नही हुआ तो उसकी हत्या भी कर देंगे। उक्त घटना के संबंध में  प्रार्थी के भाई अनिल ने अतरौलिया थाने में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। प्रार्थना पत्र की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व में दोनों पक्षों का पंचायत के सामने समझौता हो चुका है। जिसकी कॉपी दोनों पक्षों के पास मौजूद है । कुछ बातें रह गई है जो दोनों पक्ष कहना चाहते हैं दोनों पक्ष को अपनी बात रखने के लिए सोमवार दोपहर को थाने पर बुलाया गया।