अशोक श्रीवास्तव
घोसी/मऊ। विश्व पर्यावरण दिवस को आज भारत ही नही अपितु पूरी दुनिया में पौध रोपण कर पर्यावरण को संरक्षित व सुरक्षित रखने की हम सबकी जिम्मेदारी का एहसास कराती है। इसी जिम्मेदारी के निर्वहन हेतु ब्लॉक घोसी अंतगर्त माछिल जमीन माछिल गांव में डॉ. रामविलास भारती एवं उनके परिवार द्वारा  कोविड 19 के नियमो का पालन करते हुए महाबोधि पुस्तकालय एवं वाचनालय के प्रांगण में पौध रोपण किया गया। पौध रोपण के अवसर पर ग्रुप ऑफ महाबोधि पुस्तकालय एवं वाचनालय के प्रबन्ध संस्थापक शिक्षक व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रामविलास भारती ने पौध लगते समय कहा कि पर्यावरण को संरक्षित व सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। क्योंकि कोई भी जीवन जीव व वन से मिलकर बनता है। जीव तभी तक सुरक्षित है जब तक वन सुरक्षित है इसलिए कहा जा सकता है कि जीव व वन का अनन्तकाल से रिश्ता है जो एक दूसरे के पूरक हैं अर्थात जीव + वन ( पेड़-पौधे) = जीवन है। दुनिया के पैमाने पर पर्याप्त आक्सीजन की पूर्ति हमें पेड़-पौधों से ही सम्भव है। डॉ. भारती ने कहा कि हर व्यक्ति प्रकृति का ही एक हिस्सा है। प्रकृति के बिना कुछ भी नही है। वास्तव में पर्यावरण ही जीवन है, और जीवन को सुरक्षित रखना है तो पर्यावरण को सुरक्षित रहना ही होगा। इस मौके पर प्रशांत भारती, शशांक भारती, निशान्त भारती,  हर्षिता, सीमान्त भारती आदि ने भी पौध रोपण किया।