खंडजा तालाब नाली निर्माण में बीसो लाख से अधिक रुपए का घोटालाचकमझानी पुर गांव का मामला


पट्टी,प्रतापगढ़।लाखों प्रयास के बाद भी गांव में नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार, व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार की बाढ़ सी आ गई है। दूसरे पंचवर्षीय में दलित प्रधान रहते हुए वर्तमान प्रधान शमसुल हक ने गांव में बिना किसी कार्य के बड़ी आसानी के साथ भुगतान करवा लिया है। पूर्व में सपा सरकार के दौरान सपा के पूर्व सदर विधायक का करीबी बताकर सारे कागजात अपने पास रख लिया था और दलित प्रधान को सिर्फ कान पकड़ कर हस्ताक्षर करा लेने वाले ग्राम प्रधान शमसुल हक आज खुद प्रधान रहते हुए तालाब नाली खड़ंजा निर्माण में लाखों रुपए का बंदरबांट कर लिया है। बीते चौदह महीने में चकमझानी पुर गांव में लगभग बीस लाख से लेकर तीस लाख रुपए निकाला गया है।काम कुछ भी नहीं हुआ है। जिस तालाब के नाम चार लाख रुपए खारिज किया गया है वो तालाब वो जैसे था वैसे ही पडा हुआ है। जिस टाईल्स और चकरोड का काम बताकर सरकारी धन का गबन हुआ है।वह भी काम नहीं किया गया। आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई है की सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर घोटाला करने की जरूरत आ गई घोटालोकी लम्बी फेहरिस्त है।जिसे किसी भी ग्रामीण को पता ही नहीं है। चकमझानी पुर गांव ही नहीं लगभग ऐसे तमाम गांवों में इसी तरह से लूट खसोट चल रहा है। चकमझानी पुर गांव निवासी ने मुख्यमंत्री लोकायुक्त ग्राम विकास विभाग सचिव जिला अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर गांव में हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर जांच कराएं जाने की मांग की है। प्रधान के दहशत से गांव का कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार का विरोध करता है तो प्रधान ग्रामीणों को डराता धमकाता है। बिंदु वर्मा संवाददाता पट्टी प्रतापगढ़।