पट्टी में किसान की बेटी बनी असिस्टेंट प्रोफेसर, कड़ी मेहनत से मिली सफलता पर लोग गदगद

पट्टी

कुछ अलग करने का जुनून हो और इरादे फौलादी हो तो इंसान को मंजिल मिल ही जाती है। विपरीत हालातो से लड़ते हुए सफलता हासिल करने वाली सुमित्रा पटेल ने यह दिखा दिया कि धैर्य के साथ की गई मेहनत कभी जाया नही होती है।

पट्टी तहसील क्षेत्र के कैरी जोगीपुर गांव की रहने वाली सुमित्रा पटेल के पिता रामशिरोमणि सामान्य किसान है। दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटी सुमित्रा देवी के इरादे बचपन से बड़े थे। शुरुआती प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से किया तो हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा शीतलागंज स्थित कालूराम इंटरमीडिएट कालेज से किया। फिर स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई प्रतापगढ़ स्थित एमडीपीजी कालेज से पूरी किया।

असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का ख्वाब पहले से ही बुन चुकी सुमित्रा पटेल विपरीत हालात में भी प्रयागराज में तैयारी करने का मन बना लिया और लगातार 3 साल तक वहां रहकर कठिन परिश्रम करती रही । 2 दिन पहले जब उत्तर प्रदेश हायर एजुकेशन सर्विस कमिशन की परिणाम आया तो सुमित्रा को सामान्य वर्ग में 17वा तथा महिला वर्ग में दूसरा स्थान मिला । जिस पर परिवारीजनों ने खुशी जाहिर किया इस दौरान सुमित्रा से बात करने पर उन्होंने बताया कि परिवारी जनों का सहयोग और गुरुजनों का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहा। जिसके कारण सफलता हासिल हुई। उन्होंने बताया कि महिला होने के नाते एक संघर्षपूर्ण चुनौती उनके सामने हमेशा बनी हुई थी, लेकिन मजबूत इरादों और धैर्य से कोई भी सफलता हासिल की जा सकती है सुमित्रा के चयन होने पर उनके पैतृक गांव में तथा परिवारजनों में जश्न का माहौल देखा गया।