प्रतापगढ़ के गांधी के पंडित सूर्य बली पांडे:– विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य

प्रतापगढ़ सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा विगत वर्षों की भांति गांधीवादी विचारक विनोबा भावे के शिष्य जनपद प्रतापगढ़ में भूदान आंदोलन के प्रणेता सूर्यवली पांडे एडवोकेट स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी की 18वीं पुण्यतिथि पंडित कृपा शंकर ओझा एडवोकेट लोकतंत्र रक्षक सेनानी की अध्यक्षता में सर्वोदय सद्भावना संस्थान के अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास द्वारा सद्भावना दिवस के रूप में रामानुज आश्रम में मनाई गई।

उक्त अवसर पर पंडित जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन करने के पश्चात मुख्य अतिथि राजेंद्र कुमार मौर्य सदर विधायक ने कहा कि आप प्रतापगढ़ के गांधी थे। विनोबा जी एवं गांधी जी के विचारों को आपने आत्मसात कर लिया था। दयालुता करूणा ईमानदारी की आप प्रतिमूर्ति थे।

विनोबा जी के शिष्य सेवाग्राम महाराष्ट्र से पधारे मणिलाल भाई ने कहा कि महात्मा गांधी के आवाहन पर आप बाल काल में प्रयागराज में पढ़ते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े और गिरफ्तार होकर उस समय की मलाका जेल जहां पर आज मेडिकल कॉलेज है अपना जीवन जेलों में बिताया। जनपद में रहकर लोगों की सेवा करना उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया ईमानदारी से वकालत करते हुए गरीबों की मदद करते रहे। पवनार आश्रम में विनोबा जी से मिलने आप अक्सर अपने मित्र राम लखन पाठक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ जाते थे विनोबाजी आपको बहुत प्यार करते थे।

विनोबा भावे जी के प्रतापगढ़ आगमन पर अपने साथी राम लखन पाठक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और रामकिंकर सरोज के साथ गौरा से लेकर शाहगंज तक पदयात्रा किया बाद में अनेकों गरीबों एवं पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय की विद्यालयों को भूमि दान किया।

लोगों ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि आप एक समाजवादी चिंतक परम स्वाभिमानी सरल गंभीर भारतीय संस्कृति के पोषक ईमानदार अधिवक्ता परम श्री वैष्णव संत थे। विनोवा भावे एंव गांधीजी के दर्शन और विचारों को आपने आत्मसात करके समाज की सेवा में ही अपना जीवन बिताया। आजीवन खादी वस्त्र धारण करते रहे । प्रतापगढ़ में जयप्रकाश आंदोलन आपके नेतृत्व में लड़ा गया जिसमें सैकड़ों लोग मीसा एवं डी आई आर में गिरफ्तार हुए। आप एक ऐसे व्यक्ति थे जो देश की आजादी के लिए भी जेल में और देश की दूसरी आजादी के लिए आपातकाल के समय भी 18 महीने अपना जीवन जेलों में बिताया ।

1977 में जनता पार्टी से जब आप को लोकसभा का टिकट मिला तो आपने यह कहकर लोकसभा का टिकट लेने से इनकार कर दिया कि विनोबा जी कहते हैं कि चुनाव झगड़े की जड़ है इसलिए मैं चुनाव नहीं लडूंगा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य द्वारा कृपा शंकर ओझा एडवोकेट लोकतंत्र रक्षक सेनानी , मणिलाल भाई , रामसेवक त्रिपाठी एडवोकेट लोकतंत्र रक्षक सेनानी , गणेश नारायण मिश्र एडवोकेट को अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण करके रामानुज पंचांगम प्रदान कर सम्मानित किया।

श्रद्धा सुमन अर्पित करने वाले लोगों में मुख्य रूप से रामसेवक त्रिपाठी एडवोकेट लोकतंत्र रक्षक सेनानी गणेश नारायण मिश्र एडवोकेट संतोष दुबे पूर्व सभासद गिरजेश तिवारी पत्रकार डॉ सी एन पांडे श्यामसुंदर टाउ पूर्व सभासद संगम लाल त्रिपाठी भंवर हरिहर प्रसाद ओझा डॉ सी एन पांडे रामचंद्र मिश्रा पूर्व प्राचार्य संतोष त्रिपाठी एडवोकेट निशुल्क रमाशंकर सिंह देश सेवक बद्री प्रसाद मिश्रा गिरीश मिश्रा अभिषेक कुमार उमर वैश्य रामकृष्ण टाऊ नारायणी रामानुज दासी इं अनामिका पांडे डॉ अवंतिका पांडे डॉ अंकिता पांडे विश्वम प्रकाश पांडे इं पूजा पांडे सहित अनेकों लोगों ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए आपको एक महामानव एवं त्याग तपस्या की प्रतिमूर्ति बताया। कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश त्रिपाठी पूर्व अध्यक्ष भाजपा ने किया