अखिल भारतीय ब्राह्मण परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. परशुराम क्रोधी ने गुरुवों व शहीदों का सम्मान कर मनाया जन्मदिन

 

परशुराम क्रोधी के जन्मदिवस पर सम्मानित किए गए गाँधी इंटर के पूर्व अध्यापक ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव, पूर्व के अध्यापक साथियों ने जतायी खुशी

 

प्रतापगढ़ । अखिल भारतीय ब्राह्मण परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. परशुराम क्रोधी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जनपद के लालगंज तहसील के अन्तर्गत सांगीपुर ब्लॉक के नौबस्ता गांव के निवासी व गांधी इंटर कॉलेज के रिटायर्ड इतिहास विषय के प्रवक्ता ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव,अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता महेश नारायण तिवारी सहित सन् 1971 में भारत पाकिस्तान के युद्ध में शहीद हुए शहीद अर्जुन सिंह की पत्नी कलावती देवी का माल्यार्पण, अगवस्त्रम् व मिठाई खिलाकर उनको सम्मानित किया । राष्ट्रीय अध्यक्ष से बातचीत के दौरान बताया‌ कि मैने अपने आदर्श गुरु ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव से सन् 1978 से सन् 1983 तक इतिहास विषय की शिक्षा ग्रहण की और उनके द्वारा पढाये गए इतिहास विषय मे मैं सदैव प्रथम स्थान पाता रहा । उन्होने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया‌ कि गुरु जी बहुत ही सरल और मार्ग प्रशस्त करने वाले गुरुवों मे रहे। मैने उन्हें सदैव ही अपना आदर्श माना और उन्होंने मेरा सदैव उचित और सही मार्गदर्शन किया। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु जी का परिवार बहुत ही सरल सौम्य और ज्ञानवान है और पूर्वजों में ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव के पिता भी हमारे गुरु के गुरु थे जिनका नाम स्व. गोकुल प्रसाद है, गुरुजी के बाबा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे जो कि पं. मुनीश्वर दत्त उपाध्याय के साथ सन् 1941 में साथ – साथ जेल गए और साथ ही साथ निकले और उन्होंने यह भी बताया कि गुरु जी को डियाआउस और जिलाधिकारी द्वारा आदर्श अध्यापक के प्रमाण पत्र को देकर सम्मानित किया जा चुका है। अंत में डॉ. परशुराम क्रोधी को गुरु जी ने उनके पचपनहवें जन्मदिन की बधाई सौंपते हुए कहा कि आज मैं धन्य हुआ और आज मैं गौरव की अनुभूति कर रहा हूं कि मेरे छात्रों की सोच इतनी उत्तम और सराहनीय है कि आपको प्रभु ने इस तरह का विचार लाया और आपने मुझ जैसे गुरु का सम्मान कर गांव का ही नही अपितु क्षेत्र का मान सम्मान और गौरव बढ़ाने का कार्य किया। इस हेतु मैं आपको अपना स्नेह, आशीर्वाद देते हुए प्रभु से कामना करता हूं कि आप चिरायु और शतायु होवें। अंत मे गुरु जी ने शिष्य से कहा- जिस दिन तुम पैदा हुए, तुमने प्रसन्नता को जन्म दिया। जब तुम पैदा हुए, तुम्हारे माता पिता बहुत प्रसन्न थे। तुमने कितने ही रिश्तों को जन्म दिया। तुमने कितनों को दादा-नाना, दादी-नानी, माता-पिता, बड़ा भाई, बड़ी बहन, बुआ आदि बनाया। पैदा होते ही तुमने इन सब रिश्तों को नाम प्रदान किए। इस तरह तुमने सब में प्रसन्नता का भाव जगाया। लोगों में मिठाइयां बांटकर उन्होंने खुशी जताई। हमें अपने जीवन में यह सब करते रहना चाहिए। हमें जीवन में हर व्यक्ति के लिए ज्यादा से ज्यादा जगह बनाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही खुद भी दूसरों के जीवन में जगह बनानी चाहिए। अगर तुम हर व्यक्ति के जीवन में खुशी लाओगे तो तुम्हें लगेगा कि पूरी दुनिया एक परिवार है। पूरा ब्रह्माण्ड एक परिवार है। वास्तव में यह पृथ्वी एक जीवालय है और हम एक जीव हैं। हम एक वृहद जीवन का हिस्सा हैं। इस दौरान हनुमान ज्ञान विद्या मंदिर नौबस्ता के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, रमाकांत मिश्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं संयोजक, पंकज पाण्डेय राष्ट्रीय महामंत्री, दिलीप मिश्र राष्ट्रीय सलाहकार, राघवेंद्र मिश्र राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, विकास मिश्र राष्ट्रीय सचिव, सुभाष चंद्र पाण्डेय संरक्षक जिला प्रतापगढ़, विवेक तिवारी राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा, रघुनन्दन तिवारी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, अनिल कुमार पाण्डेय मण्डल प्रयागराज संगठन मंत्री, प्रवीण त्रिपाठी जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़,पंडित रघुनंदन तिवारी, नंदन शुक्ल, पिंटू पाण्डेय, संजय तिवारी आदि ब्राह्मण बंधु उपस्थित रहे ।

अखिल भारतीय ब्राह्मण परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. परशुराम क्रोधी ने गुरुवों व शहीदों का सम्मान कर मनाया जन्मदिन

परशुराम क्रोधी के जन्मदिवस पर सम्मानित किए गए गाँधी इंटर के पूर्व अध्यापक ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव, पूर्व के अध्यापक साथियों ने जतायी खुशी

प्रतापगढ़ । अखिल भारतीय ब्राह्मण परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. परशुराम क्रोधी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जनपद के लालगंज तहसील के अन्तर्गत सांगीपुर ब्लॉक के नौबस्ता गांव के निवासी व गांधी इंटर कॉलेज के रिटायर्ड इतिहास विषय के प्रवक्ता ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव,अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता महेश नारायण तिवारी सहित सन् 1971 में भारत पाकिस्तान के युद्ध में शहीद हुए शहीद अर्जुन सिंह की पत्नी कलावती देवी का माल्यार्पण, अगवस्त्रम् व मिठाई खिलाकर उनको सम्मानित किया । राष्ट्रीय अध्यक्ष से बातचीत के दौरान बताया‌ कि मैने अपने आदर्श गुरु ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव से सन् 1978 से सन् 1983 तक इतिहास विषय की शिक्षा ग्रहण की और उनके द्वारा पढाये गए इतिहास विषय मे मैं सदैव प्रथम स्थान पाता रहा । उन्होने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया‌ कि गुरु जी बहुत ही सरल और मार्ग प्रशस्त करने वाले गुरुवों मे रहे। मैने उन्हें सदैव ही अपना आदर्श माना और उन्होंने मेरा सदैव उचित और सही मार्गदर्शन किया। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु जी का परिवार बहुत ही सरल सौम्य और ज्ञानवान है और पूर्वजों में ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव के पिता भी हमारे गुरु के गुरु थे जिनका नाम स्व. गोकुल प्रसाद है, गुरुजी के बाबा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे जो कि पं. मुनीश्वर दत्त उपाध्याय के साथ सन् 1941 में साथ – साथ जेल गए और साथ ही साथ निकले और उन्होंने यह भी बताया कि गुरु जी को डियाआउस और जिलाधिकारी द्वारा आदर्श अध्यापक के प्रमाण पत्र को देकर सम्मानित किया जा चुका है। अंत में डॉ. परशुराम क्रोधी को गुरु जी ने उनके पचपनहवें जन्मदिन की बधाई सौंपते हुए कहा कि आज मैं धन्य हुआ और आज मैं गौरव की अनुभूति कर रहा हूं कि मेरे छात्रों की सोच इतनी उत्तम और सराहनीय है कि आपको प्रभु ने इस तरह का विचार लाया और आपने मुझ जैसे गुरु का सम्मान कर गांव का ही नही अपितु क्षेत्र का मान सम्मान और गौरव बढ़ाने का कार्य किया। इस हेतु मैं आपको अपना स्नेह, आशीर्वाद देते हुए प्रभु से कामना करता हूं कि आप चिरायु और शतायु होवें। अंत मे गुरु जी ने शिष्य से कहा- जिस दिन तुम पैदा हुए, तुमने प्रसन्नता को जन्म दिया। जब तुम पैदा हुए, तुम्हारे माता पिता बहुत प्रसन्न थे। तुमने कितने ही रिश्तों को जन्म दिया। तुमने कितनों को दादा-नाना, दादी-नानी, माता-पिता, बड़ा भाई, बड़ी बहन, बुआ आदि बनाया। पैदा होते ही तुमने इन सब रिश्तों को नाम प्रदान किए। इस तरह तुमने सब में प्रसन्नता का भाव जगाया। लोगों में मिठाइयां बांटकर उन्होंने खुशी जताई। हमें अपने जीवन में यह सब करते रहना चाहिए। हमें जीवन में हर व्यक्ति के लिए ज्यादा से ज्यादा जगह बनाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही खुद भी दूसरों के जीवन में जगह बनानी चाहिए। अगर तुम हर व्यक्ति के जीवन में खुशी लाओगे तो तुम्हें लगेगा कि पूरी दुनिया एक परिवार है। पूरा ब्रह्माण्ड एक परिवार है। वास्तव में यह पृथ्वी एक जीवालय है और हम एक जीव हैं। हम एक वृहद जीवन का हिस्सा हैं। इस दौरान हनुमान ज्ञान विद्या मंदिर नौबस्ता के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, रमाकांत मिश्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं संयोजक, पंकज पाण्डेय राष्ट्रीय महामंत्री, दिलीप मिश्र राष्ट्रीय सलाहकार, राघवेंद्र मिश्र राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, विकास मिश्र राष्ट्रीय सचिव, सुभाष चंद्र पाण्डेय संरक्षक जिला प्रतापगढ़, विवेक तिवारी राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा, रघुनन्दन तिवारी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, अनिल कुमार पाण्डेय मण्डल प्रयागराज संगठन मंत्री, प्रवीण त्रिपाठी जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़,पंडित रघुनंदन तिवारी, नंदन शुक्ल, पिंटू पाण्डेय, संजय तिवारी आदि ब्राह्मण बंधु उपस्थित रहे ।