प्रशिक्षण कार्यक्रम:लाभ के लिए आधुनिक तकनीक से पालें बकरी

प्रशिक्षण शिविर में मौजूद जीविका दीदियां और अधिकारी।
गुठनी में कृत्रिम गर्भाधान पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, जीविका को आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्य
गुठनी में बकरी पालन एवं बकरी में कृत्रिम गर्भाधान पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आरंभ मंगलवार को जीविका परियोजना के सभाकक्ष में जिला परियोजना पदाधिकारी राकेश कुमार नीरज ने किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को अंतरप्रांतीय प्रशिक्षकों द्वारा चयनित जीविका दीदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जीविका के माध्यम से बकरी कृत्रिम गर्भाधान पर यह बिहार का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसमें बकरी के कृत्रिम गर्भाधान की तकनीक को बतायी जा रही है। प्रशिक्षण के उद्दघाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक ने कहा आज बकरियों के दूध तथा मांस की महत्ता बढ़ी है और ऐसे में जरूरत है। बकरी पालन को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित कर आगे बढ़ाया जाय। उन्होंने कहा बकरी पालन में रोजगार का महत्वपूर्ण अवसर है। बकरी पालन विकास के मार्ग में मिल का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में बीपीएम आमोद कुमार शर्मा, जिला संचार प्रवंधक दीपक कुमार, लाइव स्टॉक मैनेजर आस्था कुमारी, प्रखण्ड पशुपालन पदाधिकारी अजय कुमार, ओमप्रकाश प्रसाद, अब्दुल रहमान आदि शामिल है। बकरी पालन के लिये जीविका परियोजना से चयनित 25 जीविका दीदियों को आईआईएम कलकत्ता से सम्बद्ध संस्था एजीपन एनिमल बायोकेयर के प्रशिक्षक कल्यान कोले ने महिलाओं को बकरी के पालन में आने वाले कठिनाइयों तथा प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। दो दिनों के प्रशिक्षण में कृत्रिम प्रजनन में आने वाली कठिनाईयों, मादा बकरियों में प्रजनन तंत्र, हीटिंग के संकेत आदि के संबंध बताया जायेगा।