*सिवान में ऋण देने में बैंक बरत रहे शिथिलता*

सिवान । राष्ट्रीय शहरी फुटपाथ उत्थान मिशन के तहत फुटपाथी दुकानदारों को आर्थिक मदद देकर स्वरोजगार उपलब्ध कराए जाने की सरकार की योजना की रफ्तार काफी धीमी चल रही है। फुटपाथी दुकानदारों को ऋण देने में बैंकों की शिथिलता सामने आ रही है। ऋण देने में बैंकों द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। नगर परिषद कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्वे के दौरान नगर क्षेत्र में कुल 1792 फुटपाथी दुकानदारों को चिह्नित किया गया है। इसमें से 886 वेंडरों के बीच पहचान पत्र का वितरण भी कर दिया गया है। कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना का लाभ लेने के लिए कुल 729 आवेदन जमा हुए थे। इसमें से 146 आवेदनों को स्वीकृति भी प्रदान की गई है। जबकि अबतक 97 लाभुक पात्रों को बैंक द्वारा ऋण भी प्रदान कर दिया गया है। वहीं 271 आवेदनों को विभिन्न बैंकों द्वारा अस्वीकृत किया जा चुका है।97 लाभुक पात्रों को बैंक द्वारा प्राप्त हो चुका है ऋण :

 

नगर परिषद द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें तो अबतक 97 लाभुक पात्रों को बैंक द्वारा ऋण प्रदान किया गया है। एक्सिस बैंक व फेडरल बैंक को प्राप्त चार, बंधन बैंक को 16, फिनो फाइनेंस को दो, आइसीआइसीआइ व इंडसइंड बैंक को एक-एक, आइडीबीआइ को 10, इंडियन बैंक को 25 आवेदनों में एक की भी स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। जबकि बैंक आफ बड़ौदा द्वारा 33 में 20, बैंक आफ इंडिया द्वारा 60 में 10, बैंक आफ महाराष्ट्र द्वारा 8 में एक, केनरा बैंक द्वारा 39 में 20, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया द्वारा 77 में 13, एचडीएफसी बैंक द्वारा सात में एक, इंडियन ओवरसिज बैंक द्वारा 6 में चार, पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 55 में दो, स्टेट बैंक आफ इंडिया द्वारा 110 में 50, यूको बैंक द्वारा तीन में एक, यूनियन बैंक द्वारा 60 में 13, उत्कर्ष स्मॉल माइक्रो फाइनेंस द्वारा 22 में तीन तथा उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा 35 में छह आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें से एसबीआइ द्वारा 22, पीएनबी द्वारा दो, इंडियन ओवरसिज बैंक द्वारा एक, यूनियन बैंक द्वारा 10, उत्कर्ष स्मॉल माइक्रो फाइनेंस द्वारा दो, यूबीजीबी द्वारा छह, केनरा बैंक द्वारा 20, बीओबी द्वारा नौ, बीओआइ द्वारा 10 तथा सीबीआई द्वारा 13 लाभुक पात्रों को ऋण प्रदान किया गया है।

 

क्या कहते हैं जिम्मेदार :

 

फुटपाथ दुकानदारों को निर्धारित ऋण उपलब्ध कराने की पहल किया जा चुका है। परंतु बैंकों की शिथिलता के कारण फुटपाथ दुकानदारों को ऋण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्थाई रूप से दुकान चलाने वाले व ठेला चलाने वाले को ऋण देने में बैंक परहेज कर रहा है। इसको लेकर बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक की जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा वेंडरों को योजना का लाभ मिल सके।

*सिवान में ऋण देने में बैंक बरत रहे शिथिलता*
सिवान । राष्ट्रीय शहरी फुटपाथ उत्थान मिशन के तहत फुटपाथी दुकानदारों को आर्थिक मदद देकर स्वरोजगार उपलब्ध कराए जाने की सरकार की योजना की रफ्तार काफी धीमी चल रही है। फुटपाथी दुकानदारों को ऋण देने में बैंकों की शिथिलता सामने आ रही है। ऋण देने में बैंकों द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। नगर परिषद कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्वे के दौरान नगर क्षेत्र में कुल 1792 फुटपाथी दुकानदारों को चिह्नित किया गया है। इसमें से 886 वेंडरों के बीच पहचान पत्र का वितरण भी कर दिया गया है। कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना का लाभ लेने के लिए कुल 729 आवेदन जमा हुए थे। इसमें से 146 आवेदनों को स्वीकृति भी प्रदान की गई है। जबकि अबतक 97 लाभुक पात्रों को बैंक द्वारा ऋण भी प्रदान कर दिया गया है। वहीं 271 आवेदनों को विभिन्न बैंकों द्वारा अस्वीकृत किया जा चुका है।97 लाभुक पात्रों को बैंक द्वारा प्राप्त हो चुका है ऋण :

नगर परिषद द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें तो अबतक 97 लाभुक पात्रों को बैंक द्वारा ऋण प्रदान किया गया है। एक्सिस बैंक व फेडरल बैंक को प्राप्त चार, बंधन बैंक को 16, फिनो फाइनेंस को दो, आइसीआइसीआइ व इंडसइंड बैंक को एक-एक, आइडीबीआइ को 10, इंडियन बैंक को 25 आवेदनों में एक की भी स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। जबकि बैंक आफ बड़ौदा द्वारा 33 में 20, बैंक आफ इंडिया द्वारा 60 में 10, बैंक आफ महाराष्ट्र द्वारा 8 में एक, केनरा बैंक द्वारा 39 में 20, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया द्वारा 77 में 13, एचडीएफसी बैंक द्वारा सात में एक, इंडियन ओवरसिज बैंक द्वारा 6 में चार, पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 55 में दो, स्टेट बैंक आफ इंडिया द्वारा 110 में 50, यूको बैंक द्वारा तीन में एक, यूनियन बैंक द्वारा 60 में 13, उत्कर्ष स्मॉल माइक्रो फाइनेंस द्वारा 22 में तीन तथा उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा 35 में छह आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें से एसबीआइ द्वारा 22, पीएनबी द्वारा दो, इंडियन ओवरसिज बैंक द्वारा एक, यूनियन बैंक द्वारा 10, उत्कर्ष स्मॉल माइक्रो फाइनेंस द्वारा दो, यूबीजीबी द्वारा छह, केनरा बैंक द्वारा 20, बीओबी द्वारा नौ, बीओआइ द्वारा 10 तथा सीबीआई द्वारा 13 लाभुक पात्रों को ऋण प्रदान किया गया है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार :

फुटपाथ दुकानदारों को निर्धारित ऋण उपलब्ध कराने की पहल किया जा चुका है। परंतु बैंकों की शिथिलता के कारण फुटपाथ दुकानदारों को ऋण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्थाई रूप से दुकान चलाने वाले व ठेला चलाने वाले को ऋण देने में बैंक परहेज कर रहा है। इसको लेकर बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक की जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा वेंडरों को योजना का लाभ मिल सके।