संस्कृत भाषा को सर्व सुलभ बनाने में योगदान दे रहे हैं – डा. अखिलेश कुमार पाण्डेय

 

प्रतापगढ़। संस्कृत का गौरवशाली इतिहास एवं उसकी यह परंपरा निश्चित रूप से समृद्धशाली रही है। इस परंपरा को आगे बढ़ने में कुछ संस्कृत प्रेमियों का, विद्वानों का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे ही आज कल ऑनलाइन माध्यम से संस्कृत भाषा को सरल करके पढ़ाने का तरीका डा. अखिलेश कुमार पाण्डेय कर रहे हैं। बताते चलें कि आप एक शिक्षाविद हैं तथा अध्यापन के साथ साथ विद्यार्थियों में संस्कृत पढ़ने से संबंधित समस्याओं पर कार्य करते हैं जिससे विद्यार्थियों में सरल संस्कृत पढ़ने की रुचि जागृत हो। इन्होंने अपने अध्यापन के समय यह महसूस किया कि छठवीं से लेकर बारहवीं तक के संस्कृत विद्यार्थियों को जो पाठ उनको पढ़ना होता है उसकी हिन्दी के लिए या तो अध्यापक या गाइड का सहारा लेना पड़ता है। इस समस्या के समाधान हेतु प्रथम चरण में एनसीईआरटी की संस्कृत की पुस्तकों का सरल हिन्दी रूपान्तर का वीडियो उपलब्ध करा रहे हैं। जिससे विद्यार्थियों को इससे अधिक से अधिक लाभ मिले। यह भी बताते चलें कि संस्कृत के अध्यापक जिनको अध्यापन में समस्या आती है ओ भी इसका सहारा ले रहे हैं। संस्कृत के सर्वजन सुलभता का यह प्रयास काफी सराहनीय बताया जा रहा है। यह यूट्यूब पर उपलब्ध है। इस कार्य से प्रशंसकों में काफी उत्साह है।