गाजीपुर। असम की पहाड़ियों में सेना की गाड़ी पलटने से घायल होने के बाद उपचार के दौरान मृत वृंदावन निवासी फौजी अभिषेक यादव का पार्थिव शव शुक्रवार की दोपहर गांव पहुंचा।
इससे पूर्व फौजी का पार्थिव शरीर रखकर ग्रामीणों ने सुबह सिधौना में चक्का जाम कर दिया। उनका कहना था कि गोरखा रेजीमेंट की तरफ से आये प्राइवेट वाहन में जवान का शव लेकर घर जाना फौजी का अपमान है। उसे शहीद का दर्जा देते हुए इसके अनुरूप सुविधा कराया
बताते चलें कि फौजी का पार्थिव शरीर राजधानी एक्सप्रेस से गुरुवार की देर रात पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर रेलवे स्टेशन स्टेशन पहुंचा था। पीडीयू(मुगलसराय) रेलवे स्टेशन पर पहुचने के बाद, ग्रामवासी अपनी गाड़ी से शव को लेकर अलसुबह पांच बजे सिधौना पहुंचकर जहां स्व. रामकरन दादा के स्कूल पर रुककर गोरखा रेजिमेंट के जवानों का इंतजार करने लगे। जब गोरखा रेजीमेंट के जवान सिधौना पहुंचे तो सैकड़ों ग्रामवासियों विशेषकर मौजूद युवाओं ने प्राइवेट गाड़ी से शव घर ले जाने से मना करते हुए चक्का जाम कर दिया। सरकारी गाड़ी में शव ले जाने तथा जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े युवाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर उत्पात मचाया। सुबह सात बजे से शुरू हुआ जाम दोपहर 11 बजे तक जारी रहा। कई थानों की पुलिस और एसपी सिटी व एसडीएम के समझाने का भी प्रदर्शनकारियों ने उनकी एक बात नहीं मानी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम के चलते कई किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गयी। एसडीएम के वाहन के साथ ही कई प्राइवेट व रोडवेज बसें भी प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार बन गयीं। अनेकों गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गये।
दोपहर 11 बजे के करीब वाराणसी से सेना का वाहन पहुंचा, जिसमें शव को लेकर लोग फौजी के गांव वृंदावन पहुंचे। फौजी का शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। वहां एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के साथ ही सेना के जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित कर अंतिम सलामी दी। इसके बाद सैदपुर के जौहरगंज स्थित श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया
उल्लेखनीय है कि सादात ब्लाक अंतर्गत ग्राम वृन्दावन निवासी सेवानिवृत्त रेलवेकर्मी रामजन्म यादव का पुत्र अभिषेक यादव 2019 बैच में फौज में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। वर्तमान में उनकी तैनाती अरुणांचल में थी। गत 29 मई को गश्त के बाद पहाड़ी से नीचे उतरते समय सेना की गाड़ी पलट गई, जिसमें अभिषेक भी जख्मी हुआ था। इलाज हेतु उसे असम के गुवाहाटी स्थित आर्मी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां उनके घायल होने की सूचना पाकर पिता रामजन्म यादव और भाई हरिकेश यादव ट्रेन से 31 मई को असम पहुंचे जहां अभिषेक की चिकित्सा चल रही थी। वहीं चिकित्सा के दौरान अभिषेक की मौत हो गयी थी।
उल्लेखनीय है कि सादात नगर स्थित समता कालेज के छात्र रहे फौजी अभिषेक के निधन पर विद्यालय प्रबंधक इंजी. सभाजीत यादव ने उनके घर पहुंच कर शोक व्यक्त किया और समता पीजी कालेज के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट अशोक कुशवाहा, कॉलेज के एनसीसी कैडेटों के साथ वृंदावन पहुंचकर सलामी दी।