रानीगंज के विधायक की भयाहू को हराकर ग्राम प्रधान बनीं कुसुम ओझा शपथ नहीं ले सकीं। वह देर तक ब्लॉक कार्यालय में खड़ी रहीं, लेकिन उनकी बात मानी नहीं गई। ऐसे में वह बिना शपथ लिए ही लौट गईं।

 

शिवगढ़ विकासखंड की रमगढ़ा ग्राम पंचायत से इस बार विधायक अभय कुमार ओझा (धीरज) की भयाहू भावना ओझा ग्राम प्रधानी का चुनाव लड़ी थीं। उनकी विरोधी कुसुम ओझा 477 वोट पाकर चुनाव जीत गईं। भावना ओझा को 417 मत पर संतोष करना पड़ा। वहां 13 में 11 सदस्यों के निर्वाचित होने की दशा में ग्राम पंचायत के गठन का रास्ता साफ था और निर्वाचित प्रधान कुसुम ओझा को मंगलवार को शपथ ग्रहण के लिए बुलाया गया। कुसुम शपथ लेने ब्लॉक पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि उनके यहां तीन ग्राम पंचायत सदस्य कृष्णचंद तिवारी, सुरेंद्र प्रसाद पांडेय और रामदुलारी के इस्तीफा देने के कारण कोरम अधूरा हो गया है। ऐसे में उन्हें शपथ नहीं दिलाई जा सकती। हालांकि 13 सदस्यों में दो तिहाई के हिसाब से भी आठ सदस्य अभी ग्राम पंचायत में हैं। इसके बाद भी कुसुम देर तक ब्लॉक में खड़ी रहीं लेकिन उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। ऐसे में वह मायूस होकर लौट गईं। इस बाबत प्रभारी बीडीओ डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत में सदस्यों की दो तिहाई संख्या पूरी होने की दशा में ही ग्राम प्रधानों को शपथ दिलाई गई। रमगढ़ा में यह संख्या पूरी न होने के कारण कुसुम ओझा को शपथ नहीं दिलाई गई।

रानीगंज के विधायक की भयाहू को हराकर ग्राम प्रधान बनीं कुसुम ओझा शपथ नहीं ले सकीं। वह देर तक ब्लॉक कार्यालय में खड़ी रहीं, लेकिन उनकी बात मानी नहीं गई। ऐसे में वह बिना शपथ लिए ही लौट गईं।

शिवगढ़ विकासखंड की रमगढ़ा ग्राम पंचायत से इस बार विधायक अभय कुमार ओझा (धीरज) की भयाहू भावना ओझा ग्राम प्रधानी का चुनाव लड़ी थीं। उनकी विरोधी कुसुम ओझा 477 वोट पाकर चुनाव जीत गईं। भावना ओझा को 417 मत पर संतोष करना पड़ा। वहां 13 में 11 सदस्यों के निर्वाचित होने की दशा में ग्राम पंचायत के गठन का रास्ता साफ था और निर्वाचित प्रधान कुसुम ओझा को मंगलवार को शपथ ग्रहण के लिए बुलाया गया। कुसुम शपथ लेने ब्लॉक पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि उनके यहां तीन ग्राम पंचायत सदस्य कृष्णचंद तिवारी, सुरेंद्र प्रसाद पांडेय और रामदुलारी के इस्तीफा देने के कारण कोरम अधूरा हो गया है। ऐसे में उन्हें शपथ नहीं दिलाई जा सकती। हालांकि 13 सदस्यों में दो तिहाई के हिसाब से भी आठ सदस्य अभी ग्राम पंचायत में हैं। इसके बाद भी कुसुम देर तक ब्लॉक में खड़ी रहीं लेकिन उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। ऐसे में वह मायूस होकर लौट गईं। इस बाबत प्रभारी बीडीओ डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत में सदस्यों की दो तिहाई संख्या पूरी होने की दशा में ही ग्राम प्रधानों को शपथ दिलाई गई। रमगढ़ा में यह संख्या पूरी न होने के कारण कुसुम ओझा को शपथ नहीं दिलाई गई।