संक्रमण से शिक्षकों की मौत पर मंत्री के बयान को प्रमोद व मोना ने ठहराया गैरजिम्मेदार

सीएलपी नेता आराधना तथा सीडब्लूसी मंेबर प्रमोद तिवारी ने मृत शिक्षकों तथा कर्मचारियों के हक में कांग्रेस के संघर्ष का किया ऐलान, मोना के साथ बोले-सीडब्लूसी मेंबर, नई सरकार का गठन होने पर देगें मुआवजा व नौकरी

फोटो- 03 पीपी, प्रमोद तिवारी

04 विधायक आराधना मिश्रा मोना

लालगंज प्रतापगढ़। प्रदेश कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना तथा केन्द्रीय कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने पंचायत चुनाव के दौरान प्रदेश मे हुई शिक्षको की बडे पैमाने पर संक्रमण से मौत पर सरकार को पूरी तरह गैरजिम्मेदार ठहराया है। सीएलपी नेता मोना तथा प्रमोद तिवारी ने संयुक्त बयान मे कहा है कि यूपी पंचायत चुनाव के दौरान प्रशिक्षण तथा मतदान व मतगणना की अवधि में प्रदेश में शिक्षको की दर्दनाक मौते हुई है। श्री तिवारी एवं विधायक आराधना ने कहा कि शिक्षको की मौत के बाबत प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री का ताजा बयान कि पूरे प्रदेश में सिर्फ तीन शिक्षको की ही चुनाव डयूटी के दौरान मौत हुई है, पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना व दुर्भाग्यपूर्ण है। श्री तिवारी एवं आराधना मिश्रा ने अपने संयुक्त बयान मे कहा है कि सरकार संविधान मे लोककल्याणकारी परिकल्पना पर आधारित हुआ करती है। ऐसी स्थिति मे बकौल प्रमोद तिवारी सरकार को नियमो मे शिथिलीकरण पर कोरोना संक्रमण से शिक्षको तथा कर्मचारियों की हुई मौत पर प्रभावित परिवार के लिए मुआवजा व सभी प्रकार की सहायता के साथ पात्र को नौकरी दिये जाने की विधिक कार्रवाई अविलंब शुरू कर देनी चाहिये थी। विधायक मोना तथा प्रमोद तिवारी ने कहा कि मतदान तथा मतगणना और इसे लेकर प्रशिक्षण के दौरान शिक्षको मे यदि संक्रमण हुआ तो यह कोई दुर्घटना तो है नही बल्कि संक्रमण का प्रभाव तो दो चार पांच दिनों बाद ही घातक परिणाम लेकर आया करता है। प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना ने कहा कि सरकार के दावे की कलई तो शिक्षक संगठनो के द्वारा चुनाव डयूटी के दौरान मृत शिक्षको की कई गुना मे जारी संख्या से ही खुल गई है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से गुरूवार को यहां जारी बयान मे प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना ने कहा है कि कांग्रेस कोरोना संक्रमण से मृत शिक्षको तथा कर्मचारियों के हक के लिए सरकार के खिलाफ संघर्ष करेगी। सीएलपी नेता एवं सीडब्लूसी मेंबर के जारी संयुक्त बयान मे यह भी ऐलान हुआ है कि यदि मौजूदा राज्य सरकार ने इंसाफ नही किया तो अगले नौ दस महीने तक संघर्ष जारी रखते हुए प्रदेश में नई सरकार के गठन होते ही पंचायत चुनाव में डयूटी के दौरान मृत शिक्षको तथा कर्मचारियों को समुचित मुआवजा व आश्रित को नौकरी मे अविलंब सेवायोजित किया जाएगा। श्री तिवारी ने बेसिक शिक्षा मंत्री के बयान को सरकार की ओर से बेतुका बताते हुए तंज कसा कि इंसाफ से नजर बचाने के लिए सरकार हिटलर के अपने मंत्री को दिये गये उस नसीहत का अनुसरण कर रही है जिसके तहत एक झूठ को सौ बार बोलने पर सच साबित करने का निरर्थक प्रयास हो सके। वहीं सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना ने देश व प्रदेश मे कोरोना संक्रमण को लेकर लगातार असफल साबित हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था को भी कोसा है। श्री तिवारी एवं विधायक आराधना ने कहा कि सरकार कह रही है कि दिसंबर तक वह वैक्सीन देश भर मे उपलब्ध करा देगी। जबकि वैज्ञानिको का दावा है कि जुलाई मे कोरोना की तीसरी लहर संभावित है। ऐसे मे नेताद्वय ने कहा है कि मोदी सरकार स्थिति का सही आकलन करे और अब वह देश भर में कोरोना वैक्सीन बनाए जाने को लेकर निर्माण एजेन्सियों को खुली स्वायतता प्रदान करे। वहीं प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना ने लोगों से सरकारी प्रयास की कमजोरी को देखते हुए महामारी से बचाव के लिए स्वंय सतर्कता बरते जाने के प्रति और सजग होने का आहवान किया है।नोट- कृपया इस समाचार को प्रमोद तिवारी तथा आराधना मिश्रा मोना की पीपी फोटो सहित लिये जाने का अनुरोध है।
संक्रमण से शिक्षकों की मौत पर मंत्री के बयान को प्रमोद व मोना ने ठहराया गैरजिम्मेदार
सीएलपी नेता आराधना तथा सीडब्लूसी मंेबर प्रमोद तिवारी ने मृत शिक्षकों तथा कर्मचारियों के हक में कांग्रेस के संघर्ष का किया ऐलान, मोना के साथ बोले-सीडब्लूसी मेंबर, नई सरकार का गठन होने पर देगें मुआवजा व नौकरी
फोटो- 03 पीपी, प्रमोद तिवारी
04 विधायक आराधना मिश्रा मोना
लालगंज प्रतापगढ़। प्रदेश कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना तथा केन्द्रीय कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने पंचायत चुनाव के दौरान प्रदेश मे हुई शिक्षको की बडे पैमाने पर संक्रमण से मौत पर सरकार को पूरी तरह गैरजिम्मेदार ठहराया है। सीएलपी नेता मोना तथा प्रमोद तिवारी ने संयुक्त बयान मे कहा है कि यूपी पंचायत चुनाव के दौरान प्रशिक्षण तथा मतदान व मतगणना की अवधि में प्रदेश में शिक्षको की दर्दनाक मौते हुई है। श्री तिवारी एवं विधायक आराधना ने कहा कि शिक्षको की मौत के बाबत प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री का ताजा बयान कि पूरे प्रदेश में सिर्फ तीन शिक्षको की ही चुनाव डयूटी के दौरान मौत हुई है, पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना व दुर्भाग्यपूर्ण है। श्री तिवारी एवं आराधना मिश्रा ने अपने संयुक्त बयान मे कहा है कि सरकार संविधान मे लोककल्याणकारी परिकल्पना पर आधारित हुआ करती है। ऐसी स्थिति मे बकौल प्रमोद तिवारी सरकार को नियमो मे शिथिलीकरण पर कोरोना संक्रमण से शिक्षको तथा कर्मचारियों की हुई मौत पर प्रभावित परिवार के लिए मुआवजा व सभी प्रकार की सहायता के साथ पात्र को नौकरी दिये जाने की विधिक कार्रवाई अविलंब शुरू कर देनी चाहिये थी। विधायक मोना तथा प्रमोद तिवारी ने कहा कि मतदान तथा मतगणना और इसे लेकर प्रशिक्षण के दौरान शिक्षको मे यदि संक्रमण हुआ तो यह कोई दुर्घटना तो है नही बल्कि संक्रमण का प्रभाव तो दो चार पांच दिनों बाद ही घातक परिणाम लेकर आया करता है। प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना ने कहा कि सरकार के दावे की कलई तो शिक्षक संगठनो के द्वारा चुनाव डयूटी के दौरान मृत शिक्षको की कई गुना मे जारी संख्या से ही खुल गई है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से गुरूवार को यहां जारी बयान मे प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना ने कहा है कि कांग्रेस कोरोना संक्रमण से मृत शिक्षको तथा कर्मचारियों के हक के लिए सरकार के खिलाफ संघर्ष करेगी। सीएलपी नेता एवं सीडब्लूसी मेंबर के जारी संयुक्त बयान मे यह भी ऐलान हुआ है कि यदि मौजूदा राज्य सरकार ने इंसाफ नही किया तो अगले नौ दस महीने तक संघर्ष जारी रखते हुए प्रदेश में नई सरकार के गठन होते ही पंचायत चुनाव में डयूटी के दौरान मृत शिक्षको तथा कर्मचारियों को समुचित मुआवजा व आश्रित को नौकरी मे अविलंब सेवायोजित किया जाएगा। श्री तिवारी ने बेसिक शिक्षा मंत्री के बयान को सरकार की ओर से बेतुका बताते हुए तंज कसा कि इंसाफ से नजर बचाने के लिए सरकार हिटलर के अपने मंत्री को दिये गये उस नसीहत का अनुसरण कर रही है जिसके तहत एक झूठ को सौ बार बोलने पर सच साबित करने का निरर्थक प्रयास हो सके। वहीं सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना ने देश व प्रदेश मे कोरोना संक्रमण को लेकर लगातार असफल साबित हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था को भी कोसा है। श्री तिवारी एवं विधायक आराधना ने कहा कि सरकार कह रही है कि दिसंबर तक वह वैक्सीन देश भर मे उपलब्ध करा देगी। जबकि वैज्ञानिको का दावा है कि जुलाई मे कोरोना की तीसरी लहर संभावित है। ऐसे मे नेताद्वय ने कहा है कि मोदी सरकार स्थिति का सही आकलन करे और अब वह देश भर में कोरोना वैक्सीन बनाए जाने को लेकर निर्माण एजेन्सियों को खुली स्वायतता प्रदान करे। वहीं प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना ने लोगों से सरकारी प्रयास की कमजोरी को देखते हुए महामारी से बचाव के लिए स्वंय सतर्कता बरते जाने के प्रति और सजग होने का आहवान किया है।