देवरिया के लार क्षेत्र के खरवनिया पिंडी में शुक्रवार की रात बिहार से आई बरात में जयमाल के बाद गुरहथन कार्यक्रम में दुल्हे पक्ष द्वारा नकली जेवर चढ़ाने को लेकर विवाद हो गया। कन्या पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया तो दुल्हे पक्ष के कुछ लोग मारपीट पर आमादा हो गए। इसी बीच ग्रामीणों को पता चला तो ग्रामीण मौके पर पहुंच कर दुल्हे सहित उसके पिता व कुछ बरातियों को बन्धक बना लिया। मौके पर पहुंची पुलिस दुल्हे के पिता को हिरासत में लेकर थाना चली गई। उसके बाद शादी कार्यक्रम को रोक दिया गया। अन्य बराती किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस लौट गए।

 

लार थाना क्षेत्र के खरवनिया गांव निवासी तेजबहादुर राजभर ने अपनी बेटी मीनू की शादी बिहार प्रांत के सीवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव के रामनक्षत्र राजभर के बेटे धर्मेन्द्र राजभर से तय किया था। शुक्रवार को बारात आई थी। द्वारपूजा की रश्म के बाद जयमाल कार्यक्रम होने के कुछ देर बाद गुरहथन कार्यक्रम आंगन में चल रहा था। गुरहथन कार्यक्रम के दौरान नकली जेवर देख लड़की के परिजनों ने शादी से किया इंकार करते हुए दुल्हा व उसके पिता समेत कुछ बारातियों को बंधक बना लिया। सुबह तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती रही, लेकिन बात नहीं बन सकी।

 

किसी ने घटना की सूचना लार पुलिस को दे दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस लड़के के पिता व भाई को हिरासत में लेकर थाने चली गई जबकि दूल्हे को ग़ांव वालों ने अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस दूल्हे को अपने कब्जे में लेना चाहती थी लेकिन ग़ांव वाले दहेज की रकम वापस करने की जिद्द पर अड़े रहे। शनिवार की सुबह प्रभारी निरीक्षक टीजे सिंह के अथक प्रयास के बाद कन्या पक्ष व ग्रामीणों ने बात मानी व दुल्हे को पुलिस के हवाले कर दिया।

देवरिया के लार क्षेत्र के खरवनिया पिंडी में शुक्रवार की रात बिहार से आई बरात में जयमाल के बाद गुरहथन कार्यक्रम में दुल्हे पक्ष द्वारा नकली जेवर चढ़ाने को लेकर विवाद हो गया। कन्या पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया तो दुल्हे पक्ष के कुछ लोग मारपीट पर आमादा हो गए। इसी बीच ग्रामीणों को पता चला तो ग्रामीण मौके पर पहुंच कर दुल्हे सहित उसके पिता व कुछ बरातियों को बन्धक बना लिया। मौके पर पहुंची पुलिस दुल्हे के पिता को हिरासत में लेकर थाना चली गई। उसके बाद शादी कार्यक्रम को रोक दिया गया। अन्य बराती किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस लौट गए।

लार थाना क्षेत्र के खरवनिया गांव निवासी तेजबहादुर राजभर ने अपनी बेटी मीनू की शादी बिहार प्रांत के सीवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव के रामनक्षत्र राजभर के बेटे धर्मेन्द्र राजभर से तय किया था। शुक्रवार को बारात आई थी। द्वारपूजा की रश्म के बाद जयमाल कार्यक्रम होने के कुछ देर बाद गुरहथन कार्यक्रम आंगन में चल रहा था। गुरहथन कार्यक्रम के दौरान नकली जेवर देख लड़की के परिजनों ने शादी से किया इंकार करते हुए दुल्हा व उसके पिता समेत कुछ बारातियों को बंधक बना लिया। सुबह तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती रही, लेकिन बात नहीं बन सकी।

किसी ने घटना की सूचना लार पुलिस को दे दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस लड़के के पिता व भाई को हिरासत में लेकर थाने चली गई जबकि दूल्हे को ग़ांव वालों ने अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस दूल्हे को अपने कब्जे में लेना चाहती थी लेकिन ग़ांव वाले दहेज की रकम वापस करने की जिद्द पर अड़े रहे। शनिवार की सुबह प्रभारी निरीक्षक टीजे सिंह के अथक प्रयास के बाद कन्या पक्ष व ग्रामीणों ने बात मानी व दुल्हे को पुलिस के हवाले कर दिया।