स्वाशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध कोरोना संक्रमित की मौत के बाद एक घंटे तक परिजन शव वाहन का इंताजर कर रहे थे। परिसर में एक शव वाहन था लेकिन मजबूरी में परिजन किराए के ऑटो से शव घर लेकर गए।

 

रानीगंज बाजार के पास रहने वाला एक व्यक्ति शुक्रवार सुबह परिजन का उपचार कराने राजकीय मेडिकल कॉलेज आया था। सांस लेने में दिक्कत होने से मरीज की उपचार के दौरान शाम को मौत हो गई। शव वाहन लेने के लिए मृतक के परिजनों ने एम्बुलेंस के ड्राइवर को सूचना दी, बावजूद इसके एम्बुलेंस नहीं मिली। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के कैमरे में कैद है कि मेडिकल कालेज परिसर में जब ऑटो पर परिजन शव रख रहे थे तो पास ही शव वाहन भी मौजूद था। सीएमएस पीपी पांडेय ने बताया कि विभागीय तीन वाहन शव को मृतकों के घर तक पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में वाहन जा रहे हैं इससे देर से लौटने का उन्होंने हवाला दिया। हालांकि शुक्रवार शाम शव वाहन परिसर में मौजूद था इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।

 

अनुराग उपाध्याय पीआई न्यूज़

स्वाशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध कोरोना संक्रमित की मौत के बाद एक घंटे तक परिजन शव वाहन का इंताजर कर रहे थे। परिसर में एक शव वाहन था लेकिन मजबूरी में परिजन किराए के ऑटो से शव घर लेकर गए।

रानीगंज बाजार के पास रहने वाला एक व्यक्ति शुक्रवार सुबह परिजन का उपचार कराने राजकीय मेडिकल कॉलेज आया था। सांस लेने में दिक्कत होने से मरीज की उपचार के दौरान शाम को मौत हो गई। शव वाहन लेने के लिए मृतक के परिजनों ने एम्बुलेंस के ड्राइवर को सूचना दी, बावजूद इसके एम्बुलेंस नहीं मिली। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के कैमरे में कैद है कि मेडिकल कालेज परिसर में जब ऑटो पर परिजन शव रख रहे थे तो पास ही शव वाहन भी मौजूद था। सीएमएस पीपी पांडेय ने बताया कि विभागीय तीन वाहन शव को मृतकों के घर तक पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में वाहन जा रहे हैं इससे देर से लौटने का उन्होंने हवाला दिया। हालांकि शुक्रवार शाम शव वाहन परिसर में मौजूद था इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।

अनुराग उपाध्याय पीआई न्यूज़