बिहार बॉर्डर से सटे गाज़ीपुर जिले में गंगा नदी में उतराए शवों की जो भयावह तस्वीरें दिखाई दी थी, उसके बाद स्थानीय प्रशासन चौकन्ना हो गया है, गाज़ीपुर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद मौके का मुआयना कर रहे हैं और उनके निर्देशन पर अधिकारी पुलिस टीम के साथ गंगा नदी और उसके किनारे के स्थित सभी श्मशानघाटों का लगातार निरीक्षण कर रहे, और गंगा से शवो को निकाल कर उसका डिस्पोजल भी कर रहे हैं, जिससे संक्रामक रोग न फैले। अब इसके बाद शवों के जल विसर्जन पर सख्ती से रोक भी लगा दी गयी है, क्योंकि शासन का निर्देश भी है कि गंगा में विसर्जन न हो। बता दें कि उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर में पिछले 2 दिनों से लगातार लाशों के मिलने का सिलसिला जारी रहा है जिसको लेकर प्रशासन के माथे पर बल आ गया है और इसी को लेकर आज जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जनपद के श्मशान घाटों का दौरा किया इस दौरान जिला अधिकारी के द्वारा जनपद के सभी श्मशान घाट और गंगा में लोगों के द्वारा जल प्रवाह किए जाने पर निगरानी रखने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है साथ ही गंगा में पेट्रोलिंग भी कराई जा रही है ताकि कोई भी लोग बिना घाट के भी लाशों को जल प्रवाह ना कर सके और यहां तक की अब लोगों को अवेयरनेस करने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है इस तरह की तस्वीर आज कई श्मशान घाटों से सामने आई जिसको लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि अब जनपद के सभी श्मशान घाटों पर निगरानी समिति और पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है और अब किसी भी हाल में लोग जल प्रवाह नहीं कर पाएंगे और इसके साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है साथ ही गंगा घाटों पर अंतिम क्रिया कर्म करने वाले डोम राजा और अन्य के साथ बैठक कर इन्हें इस बात के लिए निर्देश दिया गया है कि अब वह किसी भी लाश को आधी जले अवस्था में गंगा में प्रवाहित नहीं करेंगे क्योंकि गंगा को स्वच्छ रखने और निर्मल बनाए रखने की हम सबकी जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी में हम सभी को बढ़-चढ़कर योगदान करना चाहिए /