गंगा किनारे शवों की दुर्गति से सरकार महामारी फैलाने का कर रही गंभीर अपराध- प्रमोद तिवारी

हाईकोर्ट के द्वारा जजों की अध्यक्षता में महामारी पर निगरानी समिति के गठन के आदेश को सीडब्लूसी मेंबर ने यूपी सरकार की नाकामी का बताया सच

फोटो- 02 पीपी, सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी

लालगंज, प्रतापगढ़। केन्द्रीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं यूपी आउटरीच तथा कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने गंगा में लगातार मिल रहे लोगों के शव को कोरोना महामारी के लिए बेहद चिंताजनक करार दिया है। वहीं श्री तिवारी ने हाईकोर्ट के द्वारा महामारी को लेकर हर जिलों मे सरकारी प्रबन्धों की न्यायिक मॉनीटरिंग के लिए जजों की अध्यक्षता में अड़तालिस घण्टे के भीतर कोविड शिकायत प्रकोष्ठ के खोले जाने के निर्देश को सरकारी तंत्र की विफलता का सच सामने करार दिया है। सीडब्लूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने बिहार के बक्सर से लगे यूपी के बलिया तथा गाजीपुर, हमीरपुर में गंगा के किनारे बहत्तर मिले शवांे के अलावा लगातार अज्ञात शवो के मिलने की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार गंगा मे स्नान करने वाले लोगों को अब तो सीधे मौत बांट रही है। सोमवार को श्री तिवारी ने गंगा के किनारे शवो के मिलने पर व्यथित होते हुए कहा कि सरकार ने भले ही सच छुपाने के लिए शवों को दफन किये जाने के समय गंगा किनारे अघोषित कर्फ्यू लगाकर बिजली तक बंद करा दी। बकौल प्रमोद तिवारी रात के अंधेरे मे शवों को बिना शिनाख्त कराए तथा विधिविधान से अंतिम संस्कार न कराकर सरकार ने राज्य सरकार के महामारी में प्रशासनिक प्रबन्धों की अमानवीय कलई खोलकर रख दी है। उन्होने कहा कि गंगा के किनारे मिले शवों को कुत्तों ने भी नोंचा खरोंचा होगा और एक दूसरे को काटने में इनसे संक्रमण मे बढोत्तरी भी हुई होगी। उन्होनें कहा कि गंगा में बेबसों तथा गरीबो के शवों को प्रवाहित कराना महामारी को सरकार की ओर से बढ़ावा देने का अपराध है, ऐसे में सीडब्लूसी मेंबर ने दोषियों के खिलाफ महामारी एक्ट का भी अभियोग चलाए जाने को कहा है। श्री तिवारी ने कहा कि कोरोना को लेकर यूपी में श्मशानों से लेकर कब्रिस्तानों तक की भयावह तस्वीर ने लोगों का सरकार से भरोसा पूरी तरह से खत्म कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के ताजा निर्गत न्यायिक आदेश के तहत प्रदेश के हर जिले में जज की अध्यक्षता मे कोविड शिकायत प्रकोष्ठ के गठन से भी टेस्टिंग घटाने तथा प्रदेश मे दवाओं की आपूर्ति मे कमी को लेकर योगी सरकार की नाकामी छिपाने का हथकण्डा उजागर हो गया है। श्री तिवारी के मुताबिक हाईकोर्ट के इस फैसले से गठित निगरानी समिति के चलते अब गरीबों व जरूरतमंदो को समय पर दवाएं व ऑक्सीजन की आपूर्ति होने में अवश्य सहूलियत हो सकेगी। उन्होनें कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का महामारी को लेकर अंतरात्मा व आत्म विश्लेषण से हटकर लगातार तथ्य छिपाने के चलते ही आज प्रदेश और देश में छोटा तथा गरीब तबका भुखमरी के कगार पर पहुंचने की ओर है। मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से बुधवार को यहां जारी बयान में श्री तिवारी ने कहा कि भाजपा जीते जी गरीब और बेसहारा को अच्छे दिन नहीं दे सकी तो कम से कम इंसानियत के नाम पर महामारी के बुरे दौर में मृतकों का अंतिम संस्कार तो मर्यादा से करवा देती। उन्होनें सरकार पर पार्थिव शरीरों के भी अंतिम संस्कार तक में विफलता को लेकर तल्ख टिप्पणी की कि अब तो ईश्वर भी इन सरकारी कारनामों को माफ नही कर सकेगा।