आदिगंगा सई को प्रदूषण से बचाव की मांग

प्रतापगढ़। जिले की प्राणदायिनी आदिगंगा सई नदी मे महामारी के दौर मे बढते प्रदूषण को लेकर आदिगंगा सई आरती अभियान ने चिंता जताई है। मंगलवार को सीएम तथा डीएम को भेजे गये आनलाइन पत्रक में अभियान के संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल एवं सह संयोजक शिव नारायण शुक्ल ने कहा है कि सई नदी में कोरोना महामारी मे भी इधर प्रदूषण बढ़ रहा है। सई नदी मवेशियों तथा जंगली पशु पक्षियों के पेयजल का मुख्य संसाधन है। वहीं कृषि के क्षेत्र में भी रामपुर कसिहा तथा देउम पम्प कैनाल से बड़ी संख्या मे उपजाऊ खेती की सिंचाई की जाती है। जिले के पौराणिक धाम बाबा घुइसरनाथ, मां बेल्हा देवी जैसे कुछ पवित्र तीर्थस्थलों पर भी श्रद्धालु सई मे स्नान तथा इसके जल से जलाभिषेक किया करते है। ऐसे में सई नदी को प्रदूषण से बचाव के लिए ठोस सरकारी प्रबन्ध तत्काल सुनिश्चित किये जाने चाहिये। वहीं आदिगंगा आरती अभियान के संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने सई नदी तटवर्ती गांव के लोगों से सई में कचरा अथवा किसी भी प्रकार की प्रदूषण युक्त सामग्री डाले जाने से परहेज किये जाने व लोगों से स्वजागरूकता के तहत भी आदिगंगा को प्रदूषण मुक्त रखे जाने में योगदान का आहवान किया है।

 

 

लॉकडाउन-फिर भी तहसील मुख्यालय की बाजार तक में हद की लापरवाही..

प्रतापगढ़। लाकडाउन में सुबह की पॉली मे खुलने वाली बाजार पर तहसील मुख्यालय की ही बाजार में पुलिस का कोई प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। इसके चलते नेशनल हाइवे से जुडी बाजार में सुबह से लेकर पूर्वान्ह ग्यारह बजे तक तिल रखने तक की जगह नहीं मिल रही है। वहीं वाहनों के दोनों तरफ से भारी दबाव के चलते सुबह से पूर्वान्ह तक इधर पैदल चलना भी इस बाजार मे लोगों के लिए दूभर है। आवश्यक सेवाओं के नाम पर बाजार में छोटी से लेकर बड़ी दुकानें अब तो दोपहर तक बेधड़क खुली दिख रही है। कस्बे की पिकेट को भी भीड़ की कोई चिंता नही दिख रही है। दो एक दिन तो होमगार्डो के साथ पुलिसकर्मियों ने लाकडाउन समय सीमा के बाद दुकानो के खोलने पर कुछ धौंसपटटी जरूर जमाई। मंगलवार को नजारा पूरी तरह से बदला हुआ था। नेशनल हाइवे के साथ लालगंज-बाबा घुइसरनाथ धाम तथा लालगंज-कालाकांकर हाइवे पर भी वाहन रेंगते दिखे। लाकडाउन में स्थानीय प्रशासन अथवा नगर पंचायत द्वारा सब्जी तथा फल आदि की दुकानों की जगह इस बार निर्धारित न करने के कारण नेशनल हाइवे के दोनों तरफ फुटपाथ पर दुकानों का अंबार लगा हुआ दिखा। वहीं खाकी की सह पर मैजिक वाहन भी चैराहे से लेकर मस्जिद तक व्यवस्था को मुंह चिढाते देखे जा रहे है। रोडवेज यात्री सेवाओं मे कमी का लाभ उठाते हुए यह डग्गामारी के वाहन महामारी में भी खचाखच सवारियों से भरे वाहन लेकर फर्राटा भर रहे है।

 

 

शव पहुंचा तो बिलख पड़े परिजन…

प्रतापगढ़। मंगलवार सुबह जब लाडले का शव घर की देहरी के समीप पहुंचा तो परिजनों का विलाप चीत्कार बनकर गूंज उठा। मां कैलाशा देवी अपने लाडले बेटे की मौत पर चीख चीख कर दर्द बयां कर रही थी। पिता स्व. भगवती प्रसाद तिवारी का साया तो पहले ही मृतक के सिर से उठ चुका था। वहीं मृतक वरूण के भाइयों कृष्ण कुमार, तरूण, गरूण का भी रो-रो कर बुरा हाल था। लोग मृतक के भाइयो को लगातार ढ़ांढस बंधाते देखे गये। वहीं शव के पहुंचते ही मृतक के आवास पर इकटठा हुई भीड भी खुद के आंसू संभालते दिखीं।

 

 

युवक का शव पहुंचने पर कोहराम, आक्रोश के चलते नेशनल हाइवे हुआ बाधित

लापरवाही पर सीओ से नोंकझोंक, गांव मे पुलिस व पीएसी का पहरा

प्रतापगढ़। पंचायत चुनाव की रंजिश में प्रधान प्रत्याशी रहे व आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता वरूण तिवारी का गांव शव पहुंचने पर लोगों में आक्रोश बढ़ गया। नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे लखनऊ-वाराणसी पर स्थित सगरा सुंदरपुर बाजार में पुलिस के खिलाफ कडा आक्रोश जताया। इसके चलते दो घंटे तक आवागमन बाधित दिखा। वहीं वरूण हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस पर लापरवाही का भी आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाते हुए लालगंज, संग्रामगढ़, सांगीपुर थानों की फोर्स व पीएसी की मौजूदगी में सीओ की तगड़ी घेराबंदी भी की। पुलिस के घण्टो मानमनौवल व शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर पूर्वान्ह शव अंतिम संस्कार के लिए परिजन लेकर श्रृंगवेरपुर रवाना हुए।

कोतवाली के हदिराही गांव में चुनावी रंजिश को लेकर बीती तेईस अपै्रल को रात टयूबबेल से वापस आते समय गांव के वरूण तिवारी को गोली मार दी गई। घटना को लेकर मृतक पक्ष की ओर से नवनिर्वाचित प्रधान नन्हें वर्मा समेत सात नामजद तथा दो अज्ञात के खिलाफ चैबीस अप्रैल को हत्या के प्रयास का केस दर्ज है। इधर गोली से गंभीर रूप से घायल वरूण का पहले प्रयागराज में इलाज हुआ पर स्थिति मे सुधार न देख परिजन वरूण को लेकर कानपुर के एक अस्पताल चले गये। वहां इलाज के दौरान रविवार की रात वरूण ने दम तोड़ दिया। शव का पीएम होने के बाद मंगलवार की सुबह करीब छः बजे मृतक वरूण का शव एम्बुलेंस से हदिराही पहुंचा। शव पहुंचने के पूर्व ही पहले से मुस्तैद पुलिस ने कोविड-19 का हवाला देकर शव को एम्बुलेंस से नहीं उतरने दिया। एम्बुलेंस पर ही रोते बिलखते परिजनों ने वरूण का अंतिम दीदार किया। इधर पुलिस कोविड-19 और गर्मी का हवाला देते शव को अंत्येष्टि के लिए ले जाने के लिए परिजनों पर लगातार दबाव बनाती रही। करीब आधे घण्टे बाद परिजन शव को लेकर श्रृंगवेरपुर घाट के लिए निकले। तभी सगरा बाजार में शव पहुंचते ही भाजपा व आरएसएस एवं कुछ अन्य प्रभावशाली तबका बाजार पहुंच गया। नाराज लोगों ने एम्बुलेंस को रोककर पुलिस को खरीखोटी सुनाने लगे। सीओ जगमोहन ने आक्रोशित लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया तो आक्रोशित लोग सीओ पर ही बिफर पड़े। इलाकाई दरोगा सचिन पटेल को लेकर भी लोगों मे गुस्सा देखा गया। आक्रोशित तबके का आरोप था कि पुलिस एक जनप्रतिनिधि के दबाव में घटना मे शामिल शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। सीओ तथा प्रभारी कोतवाल ने जल्द अन्य आरोपियों को हिरासत मे लिए जाने का लोगों को भरोसा दिलाया। इस बीच सीओ से लगातार कुछ लोगों की तीखी नोंकझोंक भी होती रही। पुलिस के मानमनौवल के बाद किसी तरह शव अंतिम संस्कार के लिए परिजन लेकर निकले। तब खाकी को राहत मिल सकी। वहीं घटना को लेकर पुलिस अब तक आरोपी नन्हें वर्मा तथा जीतेन्द्र वर्मा को हिरासत मे लेकर जेल भेज चुकी है। सात नामजद आरोपियों मे से अभी पांच की गिरफ्तारी तथा अज्ञात आरोपियों की भी सिनाख्त करना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। प्रभारी कोतवाल रामानुज यादव का कहना है कि घटना मे हत्या की धारा की बढोत्तरी करते हुए पुलिस शीघ्र ही वांछित आरोपियों को हिरासत मे लेगी। एहतियातन सीओ के अलावा लालगंज कोतवाली की भारी फोर्स के साथ संग्रामगढ़ एसओ आशुतोष त्रिपाठी तथा सांगीपुर कोतवाल तुषार दत्त त्यागी भी फोर्स व पीएसी ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी। इधर एहतियातन मृतक के आवास के साथ साथ हत्यारोपी प्रधान के घर पर भी पुलिस व पीएसी की लगातार चैकसी बनाए रखी गई है।

 

 

अधिवक्ता की मां के निधन पर जताया गया शोक, प्रमोद मोना हुए दुखी

प्रतापगढ़। तहसील के अधिवक्ता घनश्याम संवरिया तथा नगर के प्रतिष्ठित व्यवसाई श्यामजी संवरिया की मां साबित्री 80 का मंगलवार की सुबह इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। साबित्री का पिछले कुछ दिनों से श्वसन पीड़ा को लेकर प्रयागराज के एक अस्पताल मे इलाज चल रहा था। जानकारी होने पर साथी अधिवक्ताओं व स्थानीय व्यापारियों में शोक छा गया। केन्द्रीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रमोद तिवारी तथा क्षेत्रीय विधायक एवं सीएलपी नेता आराधना मिश्रा मोना ने साबित्री को धर्मपरायण संघर्षशील महिला ठहराया। वहीं संयुक्त अधिवक्ता संघ की ओर से भी साथी की मां के निधन पर शोक जताया गया। संघ के अध्यक्ष राममोहन सिंह, उपाध्यक्ष संतोष पाण्डेय, महामंत्री प्रवीण यादव, पूर्व अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल, विकास मिश्र, देवी प्रसाद मिश्र, राव वीरेन्द्र सिंह, रामजी जायसवाल, शेष तिवारी, संजय दुबे, शहजाद अंसारी, ललित गौड, उदयराज पाल, घनश्याम मिश्र, गीता सिंह, संदीप सिंह आदि ने संवेदना प्रकट की है। इधर चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, उद्योग व्यापार मण्डल के अध्यक्ष उदयशंकर दुबे, व्यापार मण्डल के महामंत्री एवं सभासद रमेश कौशल, गबलू जायसवाल, श्रवण मोदनवाल, सभासद ज्ञानचंद्र मोदनवाल, गुलाब चंद्रा, देवानंद मिश्र, कौशलेश सिंह, डीपी सिंह, वीरू कौशल, घनश्याम कौशल, राजू कौशल, आदि ने भी साथी व्यापारी श्यामजी की मां के निधन पर शोकांजलि अर्पित की है।

 

 

परिसर में गंदगी तथा वॉटर एटीएम के जलभराव पर नवागान्तुक एसडीएम का चढ़ा पारा

प्रतापगढ़। लाकडाउन में तहसील परिसर में गंदगी तथा वाटर एटीएम के जलभराव को देख नवागान्तुक एसडीएम का मंगलवार को पारा चढ़ गया। नये एसडीएम राहुल यादव मंगलवार को पूर्वान्ह तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां परिसर में गंदगी को देख वह मातहतो पर बिफर पड़े। लाकडाउन में भी परिसर में गंदगी को लेकर एसडीएम ने नाजिर को फटकार लगाई। वहीं दैवीय आपदा के कार्यो का भी उन्होनें अभिलेखीय अवलोकन किया। परिसर में वाटर एटीएम से गंदे पानी के निकलने से जलभराव को लेकर भी एसडीएम नाराज दिखे। उन्होनें नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी सुभाषचंद्र सिंह से फोन पर बात कर परिसर में नियमित साफ सफाई व कार्यदिवस के बाद सेनेटराइजेशन कराए जाने के निर्देश भी दिये। तहसीलदार के साथ बैठक कर नवागान्तुक एसडीएम ने कोविड-19 के प्रशासनिक प्रबन्धो की भी विस्तार से जानकारी ली। कोरोना काल में लाकडाउन के सख्ती से अनुपालन कराए जाने के लिए भी एसडीएम ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार व अधिशाषी अधिकारी को राजस्व एवं पुलिस तथा विभागीय टीमों के साथ कडी सतर्कता बरते जाने को कहा। कोविड कंट्रोल रूम को भी उन्होनें अनवरत सक्रिय बनाए रखने के आरके रामलोचन त्रिपाठी को निर्देश दिये। इस मौके पर तहसीलदार श्रद्धा पाण्डेय ने एसडीएम को तहसील से जुडे प्रशासनिक कार्यो की प्रगति से अवगत भी कराया।

 

 

गांव को सेनेटाइज कर लोगों को किया जागरुक, बांटे मास्क

पर्यावरण सेना का स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव अभियान शुरू,दिया स्वच्छता अपनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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प्रतापगढ़ । पर्यावरण सेना द्वारा कोरोना महामारी से बचाव और गांव को स्वच्छ बनाकर स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से आज मान्धाता ब्लॉक के पूरेखरगराय गांव में सेनेटाइजेशन के माध्यम से लोगों कोविड-19 के बारे में जागरूक करते हुए मास्क बांटे गए और दो गज दूरी और मास्क है जरूरी की थीम पर सावधानी बरतने हेतु प्रेरित किया गया।स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पर्यावरण सेना के लोगों ने ग्रामीणों को 18 वर्ष से अधिक के लोगों को कोविड की वैक्सीन लगवाने हेतु प्रेरित किया गया। अभियान का नेतृत्व कर रहे पर्यावरण सेना प्रमुख अजय क्रांतिकारी ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर पहले से ज्यादा खतरनाक है।किन्तु कोरोना से घबराने की नहीं बल्कि मास्क का प्रयोग करते हुए उससे लडने की जरूरत है।अजय क्रांतिकारी ने लोगों को समय समय पर हाथ धोते हुए अपने व्यवहार में स्वच्छता अपनाते हुए बीमारियों को भगाने का आह्वाहन किया।उन्होंने कहा कि पर्यावरण सेना पूरे जनपद में स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव अभियान चलाकर लोगों को कोरोना सहित अन्य बीमारियों से बचते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरुक किया जाएगा। इस मौके पर गांव की आशा उषा देवी, नमन कुमार तिवारी और धनंजय कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे।

 

 

वरिष्ठतम अधिवक्ता रमेश बहादुर सिंह सहित अधिवक्ताओं के निधन पर वकील परिषद व्यक्त की शोक संवेदना

लगातार हो रही मौतों ने अधिवक्ताओं की नींद उड़ाई

प्रतापगढ़। कोरोना संक्रमण काल में कब, कहां, किसकी अंतिम सांस लेने की खबर मिले, यह कल्पना के परे है। इधर संयोग है कि जनपद प्रतापगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रमेश बहादुर सिंह सहित रघुनाथ प्रसाद खरे, राजीव प्रकाश श्रीवास्तव, गिरीश चंद्र मिश्र (ओरीपुर नौगीर सांगीपुर) आदि के अलावा वकील परिषद के पूर्व अध्यक्ष राम प्रसाद त्रिपाठी एडवोकेट की धर्मपत्नी की मौत के समाचार ने अधिवक्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। लगातार हो रही अधिवक्ताओं की मौत ने समस्त अधिवक्ताओं की नींद उड़ा कर रख दी है और सर्वत्र शोक की लहर है। वकील परिषद के पूर्व अध्यक्षगण वरिष्ठ साहित्यकार पंडित भानु प्रताप त्रिपाठी मराल, पंडित स्वामीनाथ शुक्ला, पंडित राम सेवक त्रिपाठी प्रशांत परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता परशुराम उपाध्याय सुमन, चिंतामणि पांडेय, योगेश चंद्र शुक्ल किसान, राज किशोर त्रिपाठी, चंद्रभूषण दीक्षित, विनय कुमार मिश्र, देवी प्रसाद मिश्र बेलौरा, रघुवीर प्रसाद उपाध्याय, रामेंद्र प्रताप सिंह,गंगा प्रसाद तिवारी, लालता प्रसाद त्रिपाठी, सत्येंद्र नाथ मिश्र मृदुल, राधेश्याम सिंह, आचार्य ओम प्रकाश मिश्र, राजेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, नंदलाल मिश्रा, विजय कुमार गुप्ता, संतोष त्रिपाठी आदि सहित वकील परिषद अध्यक्ष रामनिवास उपाध्याय एवं मंत्री अवधेश ओझा ने अधिवक्ताओं के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परमपिता परमात्मा से प्रार्थना किया है कि उन्हें अपने परमधाम में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपार कष्ट को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

 

 

कोरोना से जंग में आगे आईं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं

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कोरोना से लड़ाई में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी अपना तरीका बदल दिया है। पहले समूह के माध्यम से सिर्फ मास्क की सिलाई करने वाली महिलाएं अब आयुर्वेदिक काढ़ा बनाने का पाउडर तैयार कर रही हैं। बड़ी कंपनियों के उत्पाद से आधे से भी कम कीमत पर मिलने वाले इनके काढ़े के पाउडर की मांग तेजी से हो रही है।महिला स्वयं सहायता समूह बनाने के बाद ही इन महिलाओं ने अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी सहित अन्य आयुर्वेदिक औषधियों की खेती शुरू कर दी थी। हालांकि पहले यह महिलाएं खेत में पैदा होने वाली औषधियां सिर्फ प्रदर्शनी में ही ले जाती थी लेकिन अब इनसे काढ़ा बनाने का पाउडर तैयार कर रही है। रानीगंज इलाके के सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह और श्री गंगा स्वयं सहायता समूह सराय मुल्तानी कि महिलाएं काढ़े के लिए पाउडर तैयार करने में अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, लौंग, हल्दी, काली मिर्च, मुलेठी और गुर्च का उपयोग कर रही हैं। समूह के कार्यालय में ही मीरा यादव, रेखा, सुमन, कमलेश व सुषमा सिंह काढ़े के लिए पाउडर पीस कर उसका पैकेट बना रही हैं। इनके पाउडर की कीमत बाजार में उपलब्ध पाउडर से आधे से भी कम है। इनका पाउडर तैयार करने का तरीका देखने के बाद आसपास के लोग ही इसकी खरीदारी कर ले रहे हैं। ग्रामीणों को इनके पाउडर के काढ़े से लाभ भी हो रहा है।

 

कार्यालयों के माध्यम से होगी बिक्री

प्रतापगढ़। महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से तैयार काढ़े के पाउडर की बिक्री समूह के कार्यालयों के माध्यम से की जाएगी। एनआरएलएम के जिला प्रबंधक रतन कुमार मिश्र ने बताया कि 142 गांव में समूह के कार्यालय बन रहे हैं। 100 गांव में कार्यालय बन चुके हैं। अभी रानीगंज के दो और मानधाता के चार समूह काढ़े का पाउडर तैयार कर रहे हैं। इसकी बिक्री उन्हीं कार्यालयों के माध्यम से की जाएगी। इससे ग्रामीणों को आसानी होगी।

 

 

नौगीर के हर दरवाजे पर सन्नाटा, हर चेहरे पर दहशत

लगभग पांच हजार की आबादी वाले ओरीपुर नौगीर गांव में पहले कभी इस तरह सन्नाटा नहीं था। ज्यादातर लोग अपने घरों में थे। जो बाहर टहल रहे थे, वह भी चेहरे पर मास्क चढ़ाकर दूर से बात कर रहे थे। रामकरन सरोज से गांव की इस खामोशी की वजह पूछी तो रूंधे गले से बोल पड़े कि जब हर दिन गांव से लाश उठेगी तो कहां से चहल-पहल होगी। इसी बीच गांव के रामराज यादव ने बताया कि कोरोना ने सभी की खुशियां छीन ली है। क्या घर, क्या गांव सभी जगह लोग परेशान हैं। हर दूसरे घर में कोरोना संक्रमित हैं। गांव में दर्जनों लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। यह बताते हुए भी उसके चेहरे पर अजीब दहशत थी। इतना ही बोलकर वह घर के अंदर चला गया।सांगीपुर इलाके का ओरीपुर नौगीर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का पैतृक गांव है। मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनके आगमन पर यह गांव प्रदेश में काफी चर्चित हुआ था, लेकिन आज इस गांव में हर ओर सन्नाटा पसरा है। हर किसी के चेहरे पर कोरोना का खौफ दिख रहा है। 14 पुरवों वाले इस गांव की करीब पांच हजार आबादी है, लेकिन डर के मारे न कोई किसी के घर जाना चाहता है और न बात करना ही उचित समझ रहा है।कोरोना संक्रमण के चलते एक हफ्ते के अंदर गांव के पांच लोगों की मौत हो गई है। इनमें तीन लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। अन्य दो लोगों में भी कोरोना के ही लक्षण थे। पूर्व प्रधान राकेश यादव ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर अचानक एक के बाद एक पांच लोगों की मौत से पूरे गांव के लोग भयभीत हैं। मरने वालों की उम्र 40 से 50 साल के आसपास रही। जबकि अलग-अलग पुरवे में तीन दर्जन से अधिक लोग खांसी, जुकाम, बुखार की चपेट में हैं। गांव के दिवाकर मिश्र ने बताया कि जिन घरों में बुखार के मरीज हैं, उनके यहां आस-पास के लोग भी जाने से कतरा रहे हैं। अनिल मिश्र बताते हैं कि गांव के एक पुरवे में जो भी लोग जुखाम-बुखार की चपेट में हैं उनमें से कई ने खुद को घर में आइसोलेट किया है। वह बाहर नहीं निकल रहे हैं।

 

पीपल के पेड़ के नीचे ले रहे ऑक्सीजन

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सांगीपुर। एक सप्ताह के भीतर गांव में हुई पांच मौतों से घबराए लोग ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने एवं महामारी से खुद को सुरक्षित करने के उद्देश्य से गांव में लगे वर्षों पुराने पीपल के पेड़ के नीचे दिन काट रहे हैं। वह सोमवार को भी गांव के लोग पेड़ के नीचे बैठे रहे। उनके बीच सोशल डिस्टेंसिंग भी दिखी। चेहरे पर मास्क भी लगाए थे।

 

इन लोगों ने तोड़ा दम

ओरीपुर नौगीर में एक सप्ताह के अंदर पांच मौतों ने गांव वालों का चैन छीन लिया है। गांव में तेज बहादुर सिंह (40) से शुरू हुआ मौत सिलसिला रविवार तक जारी रहा। तेज बहादुर के सगे बड़े भाई प्रताप सिंह (50), बड़की (60) पत्नी दसई सरोज, रामनरेश यादव (70) और गिरीश चंद्र मिश्र की 9 मई को मौत हो गई। ये सभी सर्दी, खांसी, बुखार एवं सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित थे।

 

 

शादी में दहेज न मिलने का ताना देकर पत्नी को घर में बंद कर उसकी जमकर पिटाई कर दी

पीड़ित महिला ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है, पुलिस मामले की जांच कर रही है

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पट्टी। थाना क्षेत्र के शेखपुर अठगवां की पूनम शुक्ला का आरोप है कि उसका पति दहेज की खातिर उसे आए दिन मारता-पीटता रहता है। इसकी जानकारी जब पीड़ित महिला ने परिजनों को दी। परिजनों ने पूनम के ससुरालवालों से बात की। इसपर ससुरालवाले व पति अरविंद उर्फ कुक्कू ने दोबारा इस तरह की गलती न करने की बात कही और समझौता हो गया। पीड़ित महिला का आरोप है कि मंगलवार को पति ने पत्नी को बंद कमरे में लाठी-डंडे व लात-घूसों से जमकर पिटाई कर दी। पीड़िता ने इसकी सूचना 112 पुलिस को दी तो मौके पर पुलिस पहुंची।

 

 

चुनावी रंजिश में समर्थकों के बीच हार-जीत को लेकर एक-दूसरे पर व्यंग कसने से बात बिगड़ गई। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इससे 11 लोग घायल हो गए। इलाज के बाद पुलिस को तहरीर दी गई है। कुंडा । सरांय गोपाल निवासी राजेंद्र सिंह की पत्नी प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ी। राजेंद्र की पत्नी चुनाव जीत गई। इसको लेकर राजेंद्र के समर्थक हरिवंश सिंह और धीरेंद्र के समर्थक मनोज कुमार सिंह के बीच बातचीत के दौरान बात बिगड़ गई। इससे दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। इसमें एक पक्ष से मनोज सिंह (35), नागेंद्र सिंह (55), पंकज सिंह (34), राजेंद्र सिंह (65), नारेंद्र सिंह (35) गंभीर घायल हो गए। दूसरे पक्ष से विमला देवी (56), योगेंद्र प्रताप सिंह (48), विशाल सिंह (22), हरिवंश सिंह (58), उमा सिंह (44), कृष्णा सिंह (68) को भी चोटें आईं। यूपी 112 पर फोन किया तो पुलिस पहुंची और सभी घायलों को सीएचसी ले गई। कई लोगों को हिरासत में लिया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी है। पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कह रही है।

 

टीका लगवाएं कोरोना से निजात पाएं – धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास

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प्रतापगढ़ । धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने आज जिला अस्पताल में कोरोना वैक्सीन का दूसरा टीका लगवाने के बाद कहा कि जिला अस्पताल में बहुत ही अच्छे ढंग से और सेवा भाव से वहां के स्टाफ तथा कर्मचारी टीका लगवाने में सहयोग कर रहे हैं। धर्मपत्नी नारायणी रामानुज दासी के साथ पहुंचे तो वहां सीढ़ियों पर नहीं चढ़ पा रही थी तो वहां के स्टाफ ज्ञानेश्वर तिवारी उन्हें सहारा देकर के ऊपर ले आए। टीका स्थल पर ले जाकर सहयोग किया। उपस्थित कर्मचारी नीरज यादव तथा विवेक द्विवेदी ने तुरंत कार्ड को चेक करके महिला स्टॉफ के पास भेजा जहां स्टाफ रिंकी सिंह ने मेरा और नारायणी रामानुजदासी का टीकाकरण किया। थोड़ी देर बैठने के लिए कहा जहां से हम लोग घर वापस आए आप सभी से अनुरोध है कि इस कोरोना महामारी को रोकने के लिए हम सरकार के बताए हुए नियमों का पालन करें और टीकाकरण जरूर करायें। वैसे भगवान श्री कृष्ण गीता में कहते हैं कि हे अर्जुन कर्म करो फल की इच्छा मत करो। ठाकुर जी जो चाहेंगे वही होगा किंतु हमें कर्म करना है। यदि हम सरकार के बताए हुए नियमों का पालन करेंगे तो इस महामारी से बचा जा सकता है। आप स्वयं टीका लगवाए और अपने इष्ट मित्रों को भी इसके लिए प्रेरित करें।