कुत्ते के काटने से गई नील गाय की जान।

 

लापरवाह बने रहे पशु चिकित्सक और वन विभाग के कर्मचारी।

 

पट्टी प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली क्षेत्र के आशापुर गांव में सुबह करीब 5:30 बजे गांव के समीप स्थित सई नदी की तरफ से एक नील गाय आ रहा था उसके बाद जैसे ही नीलगाय गोधू पट्टी से होकर आशापुर गांव की तरफ जा रहा था वैसे ही खेतों की तरफ आवारा कुत्तों के झुंड ने नीलगाय पर हमला बोल दिया जब तक दौड़ कर ग्रामीण नीलगाय के पास पहुंचे तब तक कुत्तों के झुंड ने नीलगाय को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था उसके बाद ग्रामीणों के द्वारा लगातार पशु चिकित्सक अखिलेश वर्मा के पास फोन लगाया जाने लगा लेकिन मानवता को शर्मसार करने वाली लापरवाही एक बार फिर से पशु चिकित्सक के द्वारा देखी गई जोकि पशु चिकित्सक की तैनाती गजरिया पशु अस्पताल में है पशु चिकित्सक की लापरवाही से कई जानवरों की पहले भी जाने जा चुकी हैं लेकिन मौके पर पशु चिकित्सक पहुंचते नहीं महीने में तीन बार या चार बार हॉस्पिटल आते हैं अपना कोरम पूरा करके चले जाते हैं गजरिया अस्पताल से लगभग दर्जनों गांव में पशुपालकों में दवा और इलाज ना हो पाने के कारण अपने पशुओं से हाथ धोना पड़ जाता है लगातार ग्रामीणों के द्वारा कई बार शिकायत भी डीएम एसडीएम सीएमओ मुख्यमंत्री पोर्टल पर लगातार की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है डॉक्टर बेपरवाह बने रहते हैं और जानवरों की जाने जाती रहती हैं इसमें कुछ सवाल खड़े होते हैं और वही वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के द्वारा लगातार फोन किया जा रहा था लेकिन वन विभाग की टीम मैं फोन उठाना ही बंद कर दिया जिससे गजरिया की जनता को कोई सरकारी सुविधा मिल नहीं पा रही है इसमें अब भगवान का ही भरोसा रह गया है अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन से कुछ कार्यवाही होती है या हर बार की तरह इस बार भी मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।