प्रमोद तिवारी के पैतृक गांव में फिर चुनीं जाएंगी निर्विरोध प्रधान

र्निविरोध निर्वाचन की परंपरा की मजबूती से ग्रामीणों में छायी खुशी

 

विजय पाठक

प्रतापगढ़। केन्द्रीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य प्रमोद तिवारी के पैतृक गांव संग्रामगढ़ में प्रधान पद पर इस बार भी र्निविरोध निर्वाचन का मार्ग प्रशस्त हो उठा है। निवर्तमान प्रधान धुरपती देवी के एक मात्र प्रधान पद पर नामांकन होने से उनका दोबारा प्रधान चुना जाना लगभग तय है। रामपुर संग्रामगढ़ ब्लाक मे तैनात आरओ व जिला ग्रामोद्योग अधिकारी विनोद कुमार श्रीवास्तव ने संग्रामगढ़ ग्राम पंचायत से गनेशदीन पटेल की पत्नी धुरपती देवी के एक मात्र प्रधान पद पर नामांकन की पुष्टि की है। आरओ ने धुरपती देवी के नामांकन को जांचोपरांत वैध भी करार दिया है। ग्यारह अप्रैल को धुरपती संग्रामगढ़ की प्रधान र्निविरोध निर्वाचित घोषित हो सकेगीं। धुरपती देवी की ग्राम पंचायत को प्रमोद तिवारी के पैतृक गांव की प्रधान होने के साथ कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना के ग्राम पंचायत की मतदाता होने का भी विशिष्ट दर्जा हासिल है। धुरपती देवी के र्निविरोध निर्वाचन का मार्ग प्रशस्त होने पर संग्रामगढ़ गांव में गुरूवार की शाम से ही ग्रामीणों में प्रसन्नता छायी हुई नजर आ रही है। निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य पुष्पा देवी, आशीष उपाध्याय, पूर्व एडीओ पंचायत राजेश तिवारी बाबा, बजरंगी, सोनू सोनी आदि ने आम सहमति से पुनः ग्राम प्रधान पद के निर्वाचन को संग्रामगढ़ में विकास की मजबूत प्रतिबद्धता ठहराया है। गौरतलब है कि संग्रामगढ़ ग्राम पंचायत से प्रमोद तिवारी की मां स्वर्गीया इन्द्राणी देवी आजीवन प्रधान रहने का रिकार्ड भी बना चुकी हैं।