श्रीराम का सुमिरन करने से कलियुग में भवसागर की बाधा होगी पार- गोविन्द भाई

अझारा वार्ड में सामूहिक श्रीरामकथा श्रवण के लिए उमड़े श्रद्धालु

 

प्रतापगढ़। नगर के अझारा वार्ड में रविवार को आयोजित श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा सुनाते हुए बद्रीनाथ धाम से पधारे कथाव्यास श्री गोविंद भाई जी महराज ने कहा कि राम का सुमिरन करके ही कलियुग में भवसागर से पार पाया जा सकता है। उन्होनें कहा कि भगवान श्रीराम की कथा सुनने का सौभाग्य बहुत कठिनाई से प्राप्त होता है। ऐसे में मनुष्य को समझना चाहिए कि रामरूपी अमृत कथा का रसपान भगवान शिव ने पार्वती जी के साथ स्वयं किया था। गोविंद भाई जी महराज ने कहा कि कलियुग में जप, तप, यज्ञ, अनुष्ठान कर पाना बहुत ही मुश्किल होता है। ऐसे मे तुलसीदास जी ने कलियुग मे श्रीराम नाम के भजन को ही सनातनधर्मी के जीवन की सफलता बताया है। कथाव्यास ने कहा कि रामकथा वह रस है जो प्रत्येक प्राणी को सुख का वैभव प्रदान करता है और दुःख का संपूर्ण हरण किया करता है। उन्होनें कहा कि भक्त और भक्ति तथा समर्पण के वशीभूत है प्रभु श्रीराम। गोविन्द भाई जी ने कहा कि भवसागर से पार लगाना तो प्रभु श्रीराम का काम है पर मानव जीवन को हर क्षण श्रीराम का नाम लेना उसके उद्धार का एक मात्र सुगम मार्ग है। उन्होनें श्रीरामचरितमानस की चौपाईयों तथा छन्दों की भी भावनात्मक प्रस्तुति के बीच रघुनाथ की कथा को सरस धार दी। प्रारम्भ में आयोजक अजय मिश्र तथा अनूप प्रतापगढ़ी व अध्यक्ष अभय दुबे ने कथाव्यास का रोली चंदन से अभिषेक किया। प्रवीण मिश्र, रामफेर पाण्डेय, विशालमूर्ति मिश्र, पूर्व प्रधान विद्याशंकर मिश्र, श्यामशंकर पाण्डेय, आलोक सिंह, दीपक दुबे, अंकित तिवारी, सुव्रत तिवारी, आशुतोष रजक, विमलेश मिश्र, सत्यव्रत तिवारी ने रामकथा आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं का भी तिलक करते दिखे। कथास्थल पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम तथा धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महराज के जयघोष का भी शंखनाद किया। इस मौके पर चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, देवानंद मिश्र, प्रकाशचंद्र मिश्र, डा. शिवमूर्ति शास्त्री, अनूप द्विवेदी, भानु प्रताप शुक्ल, एसएन त्रिपाठी, विमल मिश्र, सुनील मिश्र, अनुराग पाण्डेय, धीरज मिश्र, धर्मपाल आदि रहे।