यूपी रोडवेज से कही जाने का बना रहे है प्लान तो रुकिए,पड़ सकते है दिक्कत में…

 

लखनऊ। ज्ञातव्य हो कि पिछले 7 महीनों से संविदा कर्मचारियों की 50% आय को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम विभागीय आय के घाटे के सापेक्ष में प्रदेश में लगभग 35000 की संख्या में कार्यरत संविदा चालकों व परिचालकों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहन में 50% आय की बाध्यता को लगाकर प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों के प्रोत्साहन की कटौती कर रहा है। जिस के संबंध में उत्तर प्रदेश परिवहन संविदा कर्मचारी संघ ने पहले भी नोटिस के माध्यम से परिवहन निगम के शीर्ष प्रबंधन को 50% की बाध्यता समाप्त न करने पर निगम कर्मचारियों के आंदोलित होने के की बात कही गई थी। इसके बावजूद शीर्ष प्रबंधन ने किसी प्रकार की वार्तालाप या वेतन कटौती के संबंध में आदेश जारी कर कटौती को रोकने व संविदा कर्मचारियों के आउट रीज़न हस्तांतरण हेतु किसी भी प्रकार से ठोस कदम नहीं लिए गए है। जिसके परिपेक्ष में संविदा कर्मचारी संघ के द्वारा नोटिस के माध्यम से प्रबंध तंत्र को चेतावनी भी दी गई है, कि यदि फरवरी पेड मार्च में दिए जाने वाले वेतन में भी संविदा कर्मचारियों के वेतन से 50% आय की बाध्यता को लागू कर कटौती की जाती है एवं आउट रीजन हस्तांतरण के लिए सरकार द्वारा किसी प्रकार का सर्कुलर नहीं जारी किया जाता है तो परिवहन निगम के संविदा चालक एवं परिचालक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे जिस के संबंध में 10 अप्रैल 2021 को स्वैच्छिक अवकाश की भी रूपरेखा तैयार की गई है।

उत्तर प्रदेश संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री संतोष मिश्र ने बताया कि यदि परिवहन निगम लगातार अपने अड़ियल रुख पर बना रहता है तो परिवहन निगम के 35000 संविदा चालक एवं परिचालक स्वैच्छिक अवकाश पर जाने को विवश होंगे। जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के शीर्ष प्रबंध तंत्र का होगा साथ ही साथ परिवहन निगम के संविदा चालक एवं परिचालकों ने पवित्र होली पर्व को भी ना मनाने के लिए आपसी सहमति व्यक्त की। साथ ही साथ कर्मचारियों का कहना है कि यदि स्वैच्छिक अवकाश के दौरान शीर्ष प्रबंध तंत्र द्वारा किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही की जाती है तो समस्त कर्मचारी अनिश्चितकालीन स्वैच्छिक अवकाश पर जाने के लिए विवश होंगे।