नशीले पदार्थों के सेवन की पैठ दिल्ली से गाजियाबाद तक साईकिल पर रविंद्र आर्य

नशा बेचने वालों की एप पर करें शिकायत, पुलिस करेगी कार्रवाई ऐसी सुबिधा कब होंगी?

गाजियाबाद। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत नशा मुक्ति के लिए साईकिल चेतना रैली को हरी झंडी कई राज्यों मे दिखाई जा रही है। परन्तु अब साईकिल से ही नशाखोर भाँग की गोलिया खाकर आसानी से नशा सप्लाई कर रहे है। नशा मुक्ति अभियान सामाजिक कार्यकर्त्ता रविंद्र आर्य की रिपोर्ट।

आचार्यजनक आजकल एनसीआर रीजन में नया ट्रैंड करोना काल से चल रहा है। जिसमे नाशाखोरों ने सूखा नशा से लेकर शराब तक सभी नशे साईकिल एवं मोटर साईकिल के पीछे कमर पर स्कूल बेग द्वारा सप्लाई किया जा रहा है। पुलिस द्वारा बरेकेटिंग लगाना नशाखोर द्वारा मुँह चिढ़ाते हुए आरम से निकल जाते है। और तो और हाईवे टोल टैक्स पर वह आसानी से निकले देखे जा सकते है। चाहे लिंक रोड हो या लोनी बॉर्डर दुर्गा चौक, महाराजपुर गाजीपुर बॉर्डर, मेरठ, हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद, लोनी आस-पास सभी जिलों मे इस तरह सप्लाई किये जा रही है। गुप्त सूत्रों द्वारा पता चला है की पहले नशाखोर डग्गा मार बसों का प्रयोग नशा सप्लाई करने मे करते थे। पुलिस की मुस्तैदी के बाद से नशाखोरों में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। ओला, उबर कैब से लेकर ऑटो तक नशाखोरी मे वह प्रयोग करते आये है। नशाखोर अपनी योजनाओं को समय- समय पर बदलते रहते है। ज्यादातर इनकी सप्लाई दिल्ली के रेलवे स्टेशनो से होती हुए यह सूखे नशे उड़ीसा नेपाल आदि से ट्रैन द्वारा लाये जाते है।

एप का इन्जार “नशा बेचने वालों की एप पर करें शिकायत पुलिस करेगी कार्रवाई”, ऐसी सुबिधा कौन से जिले में और कब होंगी?
बता दे की कभी-कभी दवा विक्रेता कई बार नशीली दवाइयां बेचते देखे जाते हैं। लेकिन हर कोई इसलिए मुंह फेर लेता है कि शिकायत करने पर कहीं उसका नाम सामने न आ जाए। लेकिन अब आमजन के लिए नशे के खिलाफ शिकायत करना आसान होगा। ऐसे मामले जिला गाजियाबाद में देखने को मिल रहे है।

केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय नशा मांग निवारण कार्यक्रम (डीडीआरपी) के तहत सूचना, संचेतना अभियान, शिक्षा और शिकार बने व्यक्ति की जल्द मदद करने वाले अवयव हैं। शराब और नशाखोरी पर केंद्र सरकार की योजनाओं को सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय क्रियान्वित करता है। भारत में नशीले पदार्थों के सेवन की पैठ और तौर-तरीकों पर किए गए पहले राष्ट्रीय अध्ययन की रिपोर्ट फरवरी, 2019 में आई थी। इसके मुताबिक नशाखोरी में शराब का हिस्सा सबसे अधिक है। सामाजिक भलाई मंत्रालय ने नशे की मांग में कमी लाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन शुरू किया है। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ का उद्देश्य युवा लड़के-लड़कियों को इस लत के दुष्परिणामों पर केंद्रित वैध और सटीक जानकारी देते हुए नशे के खिलाफ प्रेरणा, जागरूकता और संवेदनशीलता बनाना है। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम को सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय ने 15 अगस्त, 2020 के दिन शुरू किया था।

(सामाजिक कार्यकर्त्ता)
रविंद्र आर्य
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