तकनीकी ज्ञान के बिना स्पर्धा असंभव मोती सिंह

बिंदु वर्मा संवाददाता

पट्टी। स्थानीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत बीए बीएससी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के स्मार्ट वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश शासन ने कहाकि उत्तर प्रदेश सरकार टेबलेट स्मार्टफोन वितरण की योजना ऐसे छात्र-छात्राओं ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े हैं जिनके पास तकनीकी ज्ञान के लिए संसाधन नहीं है बहुत ही ऐसी योजना बच्चों के लिए लाभकारी है। ऐसे बच्चे जिनके पास सारे संसाधन हैं वे तो आगे निकल जाएंगे लेकिन जो झोपड़ी से निकलकर आगे बढ़ना चाहते हैं तकनीकी ज्ञान के बिना पीछे रह जाते हैं। आज के समय में तकनीकी ज्ञान के बिना स्पर्धा संभव नहीं है पूर्व मंत्री ने धनतेरस के अवसर पर छात्र-छात्राओं को मिलने वाले स्मार्टफोन के लिए बहुत सारी शुभकामनाएं तथा इसे एक उपहार बताया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में एस के पांडे पूर्व सदस्य उच्चतर शिक्षा आयोग ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज जिन युवा छात्र छात्राओं को स्मार्टफोन मिल रहा है माननीय प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति का लाभ उठाएंगे। कार्यक्रम डिजिटल युग का सूत्रपात भी है आज का युवा कलाम तभी बन सकता है। डॉक्टर इंजीनियर कुशल प्रशासक तभी बन सकता है जब उसके पास आधुनिक तकनीकी ज्ञान होगा। मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि का स्वागत प्राचार्य डॉ अखिलेश पांडे ने किया। कार्यक्रम के पूर्व दोनों अतिथि ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया उक्त जानकारी देते हुए महाविद्यालय के जनसूचना अधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि स्मार्टफोन वितरण का कार्यक्रम दो दिन है 22 और 23 अक्टूबर प्रथम दिन 310 लाभार्थी को फोन वितरण किया जाएगा। शेष लाभार्थी 23 अक्टूबर को कुल 584 बीए बीएससी छात्र- छात्राएं लाभान्वित होंगे कार्यक्रम में टेबलेट वितरण समिति के डॉक्टर विकास सिंह, डॉक्टर सुशील विश्वकर्मा, डॉक्टर शिव शेखर पांडे, डॉक्टर प्रदीप त्रिपाठी, दीपक श्रीवास्तव, सहयोग दे रहे हैं। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉक्टर के ०पी० सिंह, डॉक्टर मिथिलेश त्रिपाठी, अनिल यादव, डॉक्टर राकेश पांडे, डॉक्टर दिलीप सिंह, आदि सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे। सभी के प्रति आभार ज्ञापन स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ आरबी अग्रहरि ने किया।