पढ़ने-बढने की उम्र हैं बाल विवाह एक जुर्म है,

बाल विवाह कुप्रथा को समाप्त करें- रन बहादुर वर्मा

मुस्ताक अहमद संवाददाता

प्रतापगढ़। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के अधीन संचालित चाइल्डलाइन 1098 व तरुण चेतना संस्थान तथा महिला कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर के सभागार में बाल विवाह के विरोध में दीया प्रज्वलित कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत 16 अक्टूबर से कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के आवाहन पर पूरे देश में किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रोबेशन अधिकारी रन बहादुर वर्मा ने कहा कि पढ़ने और बढ़ने की उम्र में बाल विवाह एक कानून जुर्म है आइए हम सब मिलकर बाल विवाह जैसे कुप्रथा को समाप्त करें। चाइल्डलाइन के सिटी कोऑर्डिनेटर अर्पित श्रीवास्तव ने बाल विवाह जैसे कुप्रथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह, बचपन को खत्‍म कर देता है। बाल विवाह बच्‍चों की शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और संरक्षण पर नकारात्‍मक प्रभाव डालता है। बाल विवाह का सीधा असर न केवल लड़कियों पर, बल्कि उनके परिवार और समुदाय एवं हमारे देश पर भी होता हैं। बाल विवाह के खिलाफ इस अभियान में अपना सहयोग दें बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण करें।
अंत में रैली निकालकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस कार्यक्रम का संचालन हकीम अंसारी ने किया।
वन स्टॉप सेंटर प्रभारी निरजा कुमारी, रश्मी सिंह, महिला कांस्टेबल प्रिया मिश्रा, रीना सरोज, अभयराज यादव, मेहताब खान, हुस्नारा बानो, बीनम विश्वकर्मा,