दो सौ वर्ष बाद तीन पीठ के शंकराचार्य जोशीमठ में होगें एक साथ- मीडिया प्रभारी (उत्तर भारत) डाक्टर शैलेन्द्र योगी उर्फ योगीराज सरकार ने कही

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती के अभिनन्दन समारोह मे दो सौ वर्ष बाद तीन पीठ के शंकराचार्य जोशीमठ में होगें एक साथ दक्षिण-पश्चिम-उत्तराम्नायपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य-महामहासम्मेलन
तिथि – कार्तिक कृष्ण सप्तमी तदनुसार दिनांक 17 अक्टूबर 2022 को समय – मध्याह्न 10:30 बजे से1:30बजे स्थान- जे. पी. मैदान, रविग्राम, मे।ज्योतिर्मठ, चमोली मे उत्तराखंड की पावन धरती देव भूमि के रूप में ख्यात है वेद व्यासादि गुरुओं की भी यह स्पृहास्थली रही है यही कारण है कि भगवान आद्य शंकराचार्य जी ने इसी स्थान पर बैठकर अपने भाष्य लिखे और आत्म ज्योति के दर्शनार्थ स्वयं द्वारा स्थापित चार आम्नाय मठों के क्रम में तृतीय ज्योतिर्मठ की स्थापना की । इस पीठ के आचार्य के रूप में आदि आचार्य तोटकाचार्य जी समेत अनेक आचार्यों ने क्षेत्र को अपनी अलौकिक आभा से आलोकित किया है । इधर बीच के ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती जी, ब्रह्मलीन स्वामी कृष्ण बोधाश्रम जी और ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ऐसी ही विभूति रहे हैं । यह ज्योतिर्मठ का सौभाग्य है कि विगत संवत् 2079 विक्रमी आश्विन कृष्ण द्वितीया तदनुसार अनुसार दिनांक 12 सितंबर 2022 को अभिषिक्त अभिनव ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के भावपूर्ण आमंत्रण को स्वीकार कर पूज्यपाद श्रृंगेरी शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य महास्वामी विधुशेखर भारती जी महाराज एवं पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य महास्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज ज्योतिर्मठ पधार रहे हैं । इस अवसर पर दो सौ वर्ष बाद क्षेत्र वासियों को एक साथ तीन आम्नाय पीठों के पूज्यपाद जगद्गुरुओं के दर्शन प्रवचन आदि का लाभ प्राप्त होगा। तीनों आचार्यों का ज्योतिर्मठ आगमन आगामी 15 अक्टूबर को मध्यान्ह 1:00 बजे होगा
मुख्य कार्यक्रम तीनों पूज्य आचार्यों के अभिनंदन और आशीर्वचन श्रवण का है,इस अवसर पर गढवाली संस्कृति के प्रतिनिधित्व करने वाले विविध कार्यक्रम भी सम्पन्न किए जाएंगे। जिसमें प्रमुख रूप से प्रस्तुती गढरत्न नरेन्द्र सिंह नेगी मांगल मर्ल नन्दा सती विश्व धरोहर रम्माण की रहेगी। आगामी कार्तिक कृष्ण सप्तमी तदनुसार 17 अक्टूबर 2022 को मध्यान्ह 10:30 से 1:30 तक रविग्राम के जेपी मैदान में संपन्न होगा।शंकराचार्य बनने के बाद 15 को पहली बार उत्तराखंड की धरती पर आगमन होगा तथा रात्रि विश्राम होगा और 16 को बद्रीनाथ से केदारनाथ का दर्शन करेंगे तथा 17 को अभिनन्दन समारोह होगा।उक्त जानकारी ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती के मीडिया प्रभारी (उत्तर भारत) डाक्टर शैलेन्द्र योगी उर्फ योगीराज सरकार ने तथा महामहासम्मेलन स्वागत समिति ज्योतिर्मठ ने दी है।

भवदीय

डाक्टर शैलेन्द्र योगी उर्फ योगीराज सरकार मीडिया प्रभारी (उत्तर भारत) ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती
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