शक्ति लगने से मूर्छित हुए लक्ष्मण, शोक में डूबे राम 50 वर्षों से भारतीय संस्कृति संजोए हुई है टिकरी की ऐतिहासिक रामलीला

मुस्ताक अहमद संवाददाता

प्रतापगढ़। 14 अक्टूबर : विकासखंड मांधाता क्षेत्र के श्री रामलीला बाल समिति टिकरी के तत्वाधान में चल रहे रामलीला के सातवें दिन गुरुवार की रात लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेकर लक्ष्मण युद्ध भूमि में चलते हैं जहां उनके सामने रावण का बलशाली पुत्र मेघनाथ रणभूमि में खड़ा है। दोनों योद्धाओं में भयंकर युद्ध होता है। जब मेघनाथ को यह लगता है कि लक्ष्मण को पराजित नहीं कर पाएगा तब वह शक्तिवाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। पूरे रामा दल में हाहाकार मच जाता है। तत्पश्चात हनुमान लक्ष्मण को लेकर प्रभु श्री राम के पास आते हैं, जहां श्री राम जी लक्ष्मण की दशा को देखकर के विलाप करने लगते हैं और सबसे बुद्धिमान मंत्री जामवंत से लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए उपाय पूछते हैं। तब जामवंत यह बताते हैं कि लंका में एक वैद्य हैं जिनका नाम सुषेन है, वही लक्ष्मण के प्राण बचा सकते हैं। यह सुनकर तुरंत हनुमान लंका से सुषेन को लेकर आते हैं सुषेन जब लक्ष्मण को देखते हैं तो बताते हैं कि इनके प्राण सिर्फ संजीवनी बूटी से ही बच सकते हैं जो धौलागिरी पर्वत पर स्थित है। यह सुनकर वीर हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए धौलागिरी पर्वत पर चले जाते हैं जहां बूटी की पहचान नहीं होने के कारण पूरा पहाड़ ही उठाकर लाते हैं। सुषेन संजीवनी बूटी का प्रयोग लक्ष्मण पर करते हैं और लक्ष्मण जीवित हो उठते हैं। प्रभु श्री राम लक्ष्मण को गले लगाते हैं और युद्ध की घोषणा करते हैं। राम का अभिनय विनय वर्मा, लक्ष्मण का अभिनय पवन यादव (मैना), हनुमान का अभिनय प्रदीप यादव, रावण का अभिनय मोलई सरोज, मेघनाथ का अभिनय सत्यम सिंह, सुषेन वैध का अभिनय छेदीलाल हरिजन, विभीषण का अभिनय बालेंद्र यादव, अंगद का अभिनय त्रिपाठी सरोज इन सभी के अभिनय को दर्शकों द्वारा सराहा गया|