बाधाओ के पहाड़ को संकल्पों की उड़ान से लांघ गई सीमा, घर पर रहकर ही नीट में मिली सफलता से लोग हुए गदगद

पट्टी,प्रतापगढ़।मन में कुछ करने का हौसला हो तो बाधाओं के विशाल सागर को भी अपने मजबूत इरादों से पार किया जा सकता है। महिला सशक्तिकरण के लिए भले ही सरकार एड़ी चोटी का जोर लगाकर प्रचार प्रसार कर रही हो लेकिन नजीर बनकर समाज में महिलाओं के प्रतिनिधित्व करने का अवसर ही उन्हें मजबूत बनाता है , ऐसा ही कुछ कर दिखाया है पट्टी तहसील क्षेत्र के उदईशाहपुर गांव की रहने वाली सीमा बर्मा ने जो विपरीत हालातों में भी आर्थिक परिस्थितियों से जूझते हुए नीट की परीक्षा उत्तीर्ण किया और अपने सपनों को साकार करने के पथ को प्रशस्त किया है ।
पट्टी तहसील क्षेत्र के उदईशाहपुर गांव की सीमा वर्मा पांच बहनों में चौथे नंबर पर है । बचपन से पढ़लिख कर डॉक्टर बनने की हसरत थी, लेकिन पिता एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते थे आर्थिक परिस्थितियां बिल्कुल भी ठीक नहीं थी ऊपर से पांच बहनों की पढ़ाई का खर्च था । प्राथमिक शिक्षा अमरगढ़ तथा माध्यमिक शिक्षा हरपालनगर अमरगढ़ से करने के बाद इंटरमीडिएट महादेव नगर से किया ।
मन में मजबूत इरादे लेकर आगे बढ़ रही सीमा को पहला झटका तब लगा जब 2019 में उनके पिता रामपाल का आकस्मिक निधन हो गया परिवार पर वज्रपात सा गिर गया । मां प्रेमा देवी ने परिवार को संभालने का जिम्मा उठाया लेकिन एक साल बाद ही 2020 में माँ प्रेमा देवी भी अपनी पांच बेटियों को छोड़कर दुनिया से अलविदा कह दिया। डॉक्टर बनने का सपना देख रही सीमा के सपनों की राह में बाधाओं का विशाल पहाड़ खड़ा हो गया लेकिन संकल्पों की ऊंची उड़ान ने सीमा का साथ नहीं छोड़ा उनका साथ दिया उनके जीजा अनुराग और उनकी बहन रेखा ने फिर इंटरमीडिएट करने के बाद सीमा घर पर ही आर्थिक परिस्थितियों से जूझते हुए नीट की परीक्षा की तैयारियों में लगी रही और 3 दिन पहले जब नीट परीक्षा की परिणाम आया तो ओबीसी कैटेगरी में सीमा का रैंक 685 तथा ऑल इंडिया रैंक 2324 मिली तो लोग गदगद हो गए ।
पट्टी विधायक राम सिंह पटेल सहित क्षेत्र के कई लोग ने सीमा के इस सफलता पर बधाई देने उनके आवास पर पहुंचे सीमा से बात करने पर उन्होंने बताया कि माता-पिता के सपनों को साकार करना ही हमारा पहला उद्देश्य था लेकिन उनके गुजर जाने के बाद मिली सफलता उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है उन्होंने सहायता करने वाले अपने जीजा तथा बाहर रेखा को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने विपरीत हालातों में उनका उत्साहवर्धन करते रहे। बिंदु वर्मा संवाददाता पट्टी प्रतापगढ़।